युवा लेंगे शपथ, असम बनेगा तंबाकू मुक्त प्रदेश

गुवाहाटी। असम के 33 जिलों में ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर के विद्यार्थियेां को 1 दिसम्बर, 2018 को एक ऐतिहासिक पहल के तहत प्लेज फॉर लाइफ की शपथ दिलाई जाएगी। असम सरकार के शिक्षा विभाग के आयुक्त ने इसकी पहल की है।

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गुवाहाटी। असम के 33 जिलों में ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर के विद्यार्थियेां को 1 दिसम्बर, 2018 को एक ऐतिहासिक पहल के तहत प्लेज फॉर लाइफ की शपथ दिलाई जाएगी। असम सरकार के शिक्षा विभाग के आयुक्त ने इसकी पहल की है। संबंध हेल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ), असम कैंसर केयर फाउंडेशन, टाटा ट्रस्ट, कैचर कैंसर अस्पताल, रोटरी और इंडियन डेंटल एसोसिएशन के साथ मिलकर प्लेज फॉर लाइफ अभियान के तहत शपथ दिलाई जायेगी, जिसकी जानकारी गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में दी।

शिक्षा विभाग द्वारा जारी आर्डर के अनुसार असम में 50,131 सरकारी स्कूलों में 45 लाख से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। हम चाहते हैं कि बच्चों को स्वस्थ जीवन मिले और उनका जीवन तम्बाकू की महामारी से संरक्षित हो।

प्लेज फॉर लाइफ की शपथ लेने के लिए शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार विद्यार्थियेां को शपथ दिलाई जाएगी‘‘ मैं अपने जीवन के बाकी हिस्सों के लिए धूम्रपान सिगरेट, बिडी इत्यादि या तंबाकू चबाने वाले तंबाकू आदि जैसे किसी भी रूप में तांबुल या तंबाकू का उपयोग न करने का वचन देता हूं और अपने परिवार और दोस्तों को भी ऐसे करने के लिए प्रोत्साहित करुंगा।

इसके लिए संबंध हेल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) ने एंड्रॉइड आधारित एप्लिकेशन प्लेज फॉर लाइफ विकसित किया है। स्कूल एक वीडियो डाउनलोड करेंगे जिसमें बताया गया है कि कैसे तंबाकू किसी के जीवन और परिवार को दुष्प्रभावित करता है। वीडियो के साथ तंबाकू की खपत पर छात्रों को संवेदनशील बनाने के बाद, विद्यार्थियेां को शपथ दिलाई जाएगी। स्कूलों को इस समारोह का कम से कम एक फोटो और शपथ लेने वाले विधार्थियों की संख्या को एंड्रॉइड आधारित प्लेज फॉर लाइफ एप्लिकेशन पर अपलोड करना है।

संबंध हेल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) के ट्रस्टी और तंबाकू नियंत्रण के प्रमुख संजय सेठ ने कहा, प्लेज फॉर लाइफ अभियान छात्रों के बीच तम्बाकू उपभोग करने वाली सबसे खराब चीज है, ऐसा वातावरण पैदा करेगा। शोध से पता चलता है कि बच्चों केा विश्वास दिलाने में वैसी गतिविधियां बहुत प्रभावी होती है जिनमें वे हिस्सा लेते हैं। बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए इतना बड़ा कदम उठाने के लिए हम असम के शिक्षा विभाग की सराहना करते हैं।

तंबाकू से भारत में हर साल 13.5 लाख से अधिक लोगों की मौत हो जाती है। असम 15 वर्षों से अधिक वयस्कों में से लगभग आधे लोग तंबाकू का उपयोग करते हैं जबकि भारत में में भारत के 28.6ः ऐसे लोग तंबाकू का सेवन करते हैं।

विक्टिम्स ऑफ टोबेको विक्टिम््स (वीओटीवी) के संरक्षक डॉ. अशोक दास ने कहा, कैंसर के मामलों की संख्या बढ़ रही है और दःुखद बात यह है कि अब युवाओं में भी कैंसर का इलाज किया जा रहा है। अगर हम तंबाकू को खत्म करते हैं, तो हम सभी तरह के कैंसर को 50 प्रतिशत तक रोक सकते हैं। 9.0 प्रतिशत, मौखिक कैंसर, फेफड़ों के कैंसर तम्बाकू के कारण होते हैं। तंबाकू के कारण होने वाली मौतें सबसे ज्यादा रोकने योग्य है। इस अभियान का लक्ष्य शुरुआत को रोकने के लिए है और यह तम्बाकू के खतरे को रोकने में वास्तव में एक प्रभावी कदम होगा।

ग्लोबल एडल्ट टोबेको सर्वे (गेट्स ) – 2017 के अनुसार असम में एक करोड़ से अधिक तंबाकू का उपयोग करने वाले हैं। इनमें से 13.3 लाख सिगरेट, 18.8 लाख बिडी और 91 लाख लोग धुएं रहित तंबाकू का उपभोग कर रहे।

असम में, गेटस 2017 के अनुसार, 62.9 प्रतिशत पुरुष, 32.9 प्रतिशत महिलाएं और सभी लोगों में 48.2 प्रतिशत (15़ आयु वर्ग) वर्तमान में धूम्रपान या धुएं रहित तम्बाकू का उपयोग करते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 25.3 प्रतिशत पुरुष, 0.8प्रतिशत महिलाएं और 13.3प्रतिशत वयस्क तंबाकू का सेवन धूम्रपान के रूप में करते हैं, जबकि 50.5 प्रतिशत पुरुष, 32.5 प्रतिशत महिलाएं और 41.7 प्रतिशत वयस्क वर्तमान में धुआं रहित तम्बाकू का उपयोग करते हैं।
असम कैंसर केयर फाउंडेशन के डा.एन.के हजारेकर ने कहा, असम जहां की वयस्क आबादी का लगभग आधा भाग तंबाकू का सेवन उपभोग कर रहा है, ऐसे कदम तंबाकू के प्रसार को कम करने में काफी लंबा रास्ता तय करेंगे।

इस दौरान वायॅस आॅफ टोबेकेा विक्टमस की डायरेक्टर आशिमा सरीन, प्लेज फाॅर लाईफ अभियान के प्रभारी प्रदीप माथुर, असम के प्रोजेक्ट मैनेजर मनीष भारतीय, मोहम्मद आमिर खान सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।

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