Health News / किसानों को आंवला की खेती, भंडारण व विपणन का दिया प्रशिक्षण

राजस्थान स्टेट मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड की ओर से प्रतापनगर स्थित श्री श्री रविशंकर आश्रम में तीन दिवसीय औषध पादप प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रदेशभर से आए किसानों को आंवला की खेती, भंडारण व विपणन की विस्तृत जानकारी दी गई।

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जयपुर। राजस्थान स्टेट मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड की ओर से प्रतापनगर स्थित रविशंकर आश्रम में तीन दिवसीय औषध पादप प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रदेशभर से आए किसानों को आंवला की खेती, भंडारण व विपणन की विस्तृत जानकारी दी गई।

आरएसएमपीबी के सदस्य राकेश चौधरी ने आंवला की किस्म आनंद-2 व चकैय्या के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में आंवला की खेती की विपुल संभावनाएं हैं। अकेले पुष्कर से ही रोजाना करीब 100 मीट्रिक टन आंवला देश के अन्य शहरों के लिए डिस्पेच हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जलवायु के हिसाब से मुरब्बा व कैंडी के लिए आनंद-2 व अचार के लिए चकैय्या किस्म बेहद उपयोगी है।

इस दौरान डॉ. मोहनलाल जायसवाल ने आंवला का आयुर्वेद का महत्व बताया। उन्होंने स्वास्थ्य की दृष्टि से आंवला की उपयोगिता बताई। उन्होंने कहा कि 5 से 7 ग्राम वजन का आंवला ही आदर्श होता है। आंवला के विपणन के संबंध में डॉ. अतुल गुप्ता ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ-साथ यदि किसान बाय प्रोडेक्ट्स बनाकर मार्केट में उनका सही ढ़ंग से विपणन करें तो उनकी आय चार गुना से भी ज्यादा हो जाएगी।

उन्होंने आंवला के साथ इंटरक्रॉप के रूप में मोरिंगा, अश्वगंधा की खेती को सर्वोत्तम बताया। मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. इंद्र कुमार जैन ने आंवला की खेती, भंडारण व विपणन के लिए किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत देय ऋण व सब्सिडी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को सभी प्रतिभागियों को फील्ड विजिट कराई गई।

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