15 साल में सांगानेर को बीजेपी की सीट बना दी इस लिए हार गया-तिवाड़ी

जयपुर। राजस्थान के रण में तीसरे मोर्चे का दम भरने वाले भारत वाहिनी पार्टी के प्रमुख घनश्याम तिवाड़ी अपनी परिवार रूपी पार्टी के साथ यानी सपरिवार चुनावी रण में साफ हो गए। विधानसभा चुनाव के परिणाम साफ तौर पर बताते हैं की जनता ने नई पार्टियों को इन चुनावों में ज्यादा तरजीह नहीं दी।

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ghanshyam tiwari
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जयपुर। राजस्थान के रण में तीसरे मोर्चे का दम भरने वाले भारत वाहिनी पार्टी के प्रमुख घनश्याम तिवाड़ी अपनी परिवार रूपी पार्टी के साथ यानी सपरिवार चुनावी रण में साफ हो गए। विधानसभा चुनाव के परिणाम साफ तौर पर बताते हैं की जनता ने नई पार्टियों को इन चुनावों में ज्यादा तरजीह नहीं दी।

यही कारण रहा कि घनश्याम तिवाड़ी सांगानेर सीट से मौजूदा विधायक होने के बाद भी इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बाद ना केवल तीसरे नंबर की पोजीशन पर है बल्कि इस चुनाव में अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए. घनश्याम तिवाड़ी के साथ ही उनके दल के सभी 62 प्रत्याशी भी इस चुनाव में हार गए। हालांकि घनश्याम तिवाड़ी सहर्ष ही अपनी और पार्टी की हार को स्वीकार करते हैं लेकिन इस चुनाव में उनकी पार्टी क्यों हारी इसके पीछे उनके पास कई तर्क भी है।

घनश्याम तिवारी का साफ तौर पर कहना था कि चुनाव से पहले तीसरे मोर्चे के रूप में जिस तरह का गठबंधन होना था वह नहीं हो पाया और गठबंधन में शामिल दल अपने-अपने हिसाब से ही चुनाव लड़े। जिससे उस मकसद को पूरा नहीं कर पाए जो सभी तीसरे मोर्चे के दल समान रूप से लेकर चल रहे थे।

तिवाड़ी का यह भी कहना है कि इस चुनाव में जनता ने भाजपा को हराने की ठान ली थी लेकिन जिस सीट पर जनता को लगा कि भाजपा की प्रतिस्पर्धा केवल कांग्रेस के साथ ही है तो वहां आम मतदाताओं ने तीसरे मोर्चे के प्रत्याशी के बजाए कांग्रेस को ही अपना वोट डाल दिया ताकि भाजपा सत्ता में ना आ सके।

ऐसे में यहां के लोगों ने इस डर से उन्हें वोट नहीं दिया कि यदि तिवाड़ी को वोट देंगे तो शायद कांग्रेस इस सीट पर जीत जाए जिसके चलते मुझे चाहने वाले भी मतदान के समय कमल का बटन दबाकर आ गए। तिवाड़ी ने कहा ऐसी स्थिति केवल उनके साथ ही नहीं बल्कि भाजपा बनाने वाले स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के साथ भी बनी थी,जब वह ग्वालियर से चुनाव हार गए थे।

लोकसभा चुनाव में खाली नहीं छोड़ेंगे मैदान

विधानसभा चुनाव में भले ही नई नवेली भारत वाहिनी पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया हो लेकिन आने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों में वाहिनी कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी. ईटीवी भारत से एक्सक्लूसिव बातचीत के दौरान घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि विधानसभा चुनाव उनकी पार्टी के लिए पहला पड़ाव है और अब जब पार्टी बना ली गई है तो लोकसभा चुनाव की तैयारियां भी शुरू की जाएगी. उन्होंने कहा जल्द ही इस सिलसिले में बैठक कर देखेंगे कि किस सीट पर कितनी संभावनाएं बन रही हैं।
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