भारत में 66 फीसदी लोकेशनों में रियल एस्टेट की कीमतें बनी हुई हैं स्थिर

नोएडा। भारत के रियल एस्टेट उद्योग में आखिरकार बदलाव का दौर आया है, जनवरी-मार्च 2017 और जनवरी- मार्च 2018 के बीच देश के 750 प्रमुख लोकशनों में से 66 फीसदी स्थानों में कीमतों में स्थिरता/ बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लेकिन शेष 34 फीसदी स्थानों में इसी अवधि के दौरान कीमतों में गिरावट आई है।

0
343
नोएडा। भारत के रियल एस्टेट उद्योग में आखिरकार बदलाव का दौर आया है, जनवरी-मार्च 2017 और जनवरी- मार्च 2018 के बीच देश के 750 प्रमुख लोकशनों में से 66 फीसदी स्थानों में कीमतों में स्थिरता/ बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लेकिन शेष 34 फीसदी स्थानों में इसी अवधि के दौरान कीमतों में गिरावट आई है। हाल ही में मैजिकब्रिक्स की प्रॉपइन्डैक्स ;श्रथ्डए 2018द्ध रिपोर्ट में ये परिणाम सामने आए हैं।
हाल ही में जारी की गई प्रॉपइन्डैक्स रिपोर्ट में पिछले 12 महीनों के दौरान इन 750 स्थानों में कीमतों के उतार-चढ़ाव का अध्ययन किया गया; पहले जनवरी-मार्च 2016 और जनवरी-मार्च 2017 के बीच और दूसरा जनवरी-मार्च 2017 और जनवरी- मार्च 2018 के बीच। अध्ययन के द्वारा यह पता लगाने की कोशिश की गई कि कौनसे क्षेत्रों में कीमतों में गिरावट आई है और किन क्षेत्रों में कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई हैं। 
अध्ययन में रोचक परिणाम सामने आए जो निश्चित रूप से उद्योग जगत के लिए एक बदलाव का दौर कहे जा सकते हैं। रिपोर्ट में पाया गया कि जिन क्षेत्रों में कीमतों में गिरावट आ रही थी, वहां लगातार गिरावट दर्ज की गई है। 34 फीसदी स्थानों में जनवरी-मार्च 2017 और जनवरी- मार्च 2018 के बीच गिरावट दर्ज की गई, 56 फीसदी स्थानों में जनवरी-मार्च 2016 और जनवरी-मार्च 2017 के बीच कीमतों में गिरावट दर्ज की  गई। यानि जिन लोकेशनों में लगातार कीमतों में गिरावट आ रही है, उनकी संख्या 39 फीसदी कम हुई है। साफ है, जहां एक ओर बाज़ार पर लगातार दबाव बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर थोड़ा बहुत सुधार हुआ है।
वहीं जनवरी-मार्च 2016 और जनवरी- मार्च 2017 की तुलना में जनवरी-मार्च 2017 और जनवरी-मार्च 2018 के बीच 78 फीसदी कम लोकेशनों में कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, ठाणेे अध्ययन किए गए 14 शहरों में पहले स्थान पर है। इसके बाद अहमदाबाद (75) और ग्रेटर नोएडा (50ः) का स्थान है।

क्षेत्रों की बात करें तो पश्चिमी भारत में सबसे तेज़ी से सुधार हो रहा है। इस क्षेत्र में 60 फीसदी कम लोकेशनों में कीमतों में गिरावट आई है। इसके बाद उत्तरी भारत में 31 फीसदी, दक्षिणी भारत में 25 फीसदी, कोलकाता में 24 फीसदी कम स्थानों में कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि पश्चिम और उत्तरी भारत के मामले में यह याद रखना ज़रूरी है इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में स्थानों में कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, ऐसे में यहां बेस-इफेक्ट कारगर है। 

इस मौके पर प्रॉपइन्डैक्स, सुधीर पाई, सीईओ, मैजिकब्रिक्स ने कहा, ‘‘मुझे जनवरी-मार्च 2017-18 के लिए मैजिकब्रिक्स प्रॉपइन्डैक्स परिणामों का ऐलान करते हुए बेहद खुशी का अनुभव हो रहा है। अच्छी खबर यह है कि नेशनल प्राइस इन्डैक्स लगातार तीन तिमाहियों से ऊपर जा रहा है,  हालांकि इसमें मामूली वृद्धि हो रही है। यह भी महत्वपूर्ण है कि रु 3000-7000 प्रति वर्गफीट ब्रेकेट में 2017-18 के दौरान 31 फीसदी लोकेशनों में कीमतों में गिरावट आई है, जबकि 2016-17 के दौरान 53 फीसदी लोकेशनों में कीमतों में गिरावट दर्ज की गई थी।’’
 प्रॉपइन्डैक्स में यह तथ्य सामने आया है कि जिन स्थानों  में जनवरी-मार्च 2017 से जनवरी-मार्च 2018 के बीच कीमतों में  गिरावट आई है, इनमें से 48 फीसदी लोकेशन्स राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के रिहायशी बाज़ार मेंआती हैं। हैं। पश्चिमी भारत में मुंबई मेट्रोपोलिटन रीजन, पुणे, अहमदाबाद 31 फीसदी हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर हैं। दक्षिणी भारतीय शहर बैंगलोर, चेन्नई और हैदराबाद मिलकर इन लोकेशनों का 10 फीसदी हिस्सा बनाते हैं।
हैदराबाद 6 फीसदी के साथ सबसे अच्छा परफोर्मेन्स देने वाले शहर है, जहां पिछले 12 महीनों के दौरान सबसे कम लोकेशनों में कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। नवी मुंबई 20 फीसदी के साथ दूसरे और बैंगलोर 28 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here