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महिला कर्मियों का अनिश्चितकालीन धरना सातवें दिन भी जारी

The indefinite strike of women workers continues for the seventh day

The indefinite strike of women workers continues for the seventh day

जयपुर। अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास कर्मचारी संघ एकीकृत की महिला कर्मियों का धरना मंगलवार को सातवें दिन भी जारी रहा। महिलाओं ने विरोधस्वरूप हरी मिर्च और मूली के साथ सूखी रोटी खाकर काली संक्रांति मनाई।

संघ की प्रदेश अध्यक्ष मधुबाला शर्मा ने बताया कि जब समस्त मंत्री तथा अधिकारी गण एवं जनता, सब लोग घरों में गर्म गर्म पकौड़ी और गाजर का हलवा बना रहे थे और खा रहे थे मीठी फ़िनी और तिल के लड्डुओं का स्वाद ले रहे थे,उस वक्त सरकार की उपेक्षा से पीड़ित आंगनवाड़ी महिला कर्मी महिला एवं बाल विकास निदेशालय के सामने हरी मिर्च और मूली के साथ सूखी रोटी खाकर काली मकर संक्रांति मना रही थी।

आंगनवाड़ी महिला कर्मचारियों को जो मानदेय मिलता है उसमें उनके परिवार एवं बच्चों के लिए नमक मिर्च से रोटी खाना रोज की बात है। अखिल राजस्थान महिला बल एवं विकास आंगनवाड़ी से कर्मचारी संघ एकीकृत की उपाध्यक्ष गरिमा राजावत ने बताया कि राजस्थान में महिला उपमुख्यमंत्री और महिला बाल विकास मंत्री एक महिला होते हुए भी गरीब महिला कर्मियों को वार्ता के लिए नहीं बुला रही और ना ही कोई लिखित में आश्वासन दे रही है।

महिलाएं ऐसी भीषण सर्दी में रोड पर बैठी हुई है। आज इन महिला आंगनबाड़ी कर्मियों को धरना प्रदर्शन करते हुए 7 दिन हो गए हैं अब हम महिलाओं ने एक फैसला लिया है कि 15 जनवरी 2025 को राज्य सरकार की सब बुद्धि के लिए महिला एवं बाल विकास निदेशालय के समक्ष सद्बुद्धि यज्ञ करेगी और उसके बाद भी सरकार द्वारा वार्ता नहीं की गई तो 16 जनवरी 2025 को प्रातः आठ बजे उपमुख्यमंत्री एवं महिला बाल विकास मंत्री दिया कुमारी के आवास के सामने धरना सुबह आठ बजे प्रदर्शन करेगी ।

धरना स्थल पर महिलाओं की तबीयत खराब होने लगी है कल भी प्रदेश अध्यक्ष मधुबाला शर्मा को तबीयत खराब होने का अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यदि धरनाकर्मी महिलाओं को किसी भी प्रकार की हानि होती है उसकी जिम्मेदार सरकार व प्रशासन की होगी सम्मानपूर्वक मांगे माने जाने तक धरना जारी रहेगा । जब तक माननीय महिला एवं बाल विकास मंत्री हमें आगामी बजट में हमारी मांगे माने जाने की लिखित में सहमति नहीं दे देती है, हम मर जाएंगे पर धरना खत्म नहीं करेंगे न पीछे नहीं हटेंगे।

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