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गोविंद के दरबार बही गायन-वादन-नृत्य की त्रिवेणी

A confluence of singing, playing and dancing took place in Govind's court

A confluence of singing, playing and dancing took place in Govind's court

जयपुर। आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर प्रांगण में परवान पर चल रहे श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में शुक्रवार को प्रसिद्ध गायक संजय रायजादा और मंजू शर्मा ने कृष्ण भक्ति गीतों की सुंदर प्रस्तुतियां देकर माहौल को कृष्णमय बना दिया। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में कार्यक्रम का शुभारंभ ठाकुरजी की पूजा-अर्चना और गणेश वंदना के साथ हुआ। इसके बाद कलाकारों के दल ने गायन, वादन और नृत्य की त्रिवेणी बहाकर भगवान श्रीकृष्ण की अनेक लीलाओं का सजीव चित्रण किया।

मुख्य रूप से संजय रायजादा और मंजू शर्मा ने गोविंददेव जी मंदिर में भक्तों के प्रिय भजन गोविंद तुम्हारे चरणों में एक प्रेम पुजारी आया है…की भक्ति मय प्रस्तुति देकर माहौल का भक्तिमय बना दिया। इसके बाद मेरो राधा रमण गिरधारी…कीर्तन में सभी भक्त जन सुर मिला कर झूमते रहे। नंद के आनंद भये जय कन्हैया लाल की…,लल्ला की सुन के मै आई…जैसे बधाइयों पर तो लगा कि आज ही कान्हा का जन्म हो गया। बड़ी देर भई नंदलाला…ने भक्तों की विरह वेदना को स्वर दिया। कन्हैया झूले पालना रचना ने एक बार फिर श्रोता श्रद्धालुओं को भक्ति की मस्ती में झुमने का मजबूर कर दिया।

नेहा काला, रुचिका माथुर, डियाना शर्मा ने भी भक्ति रचनाओं को अपनी सधी हुई आवाज दी। पावन डांगी, सावन डांगी, अब्दुल रशीद, हबीब खान और सुखदेव ने संगतकार के रूप में भजन रचनाओं के शब्दों को संगीत का साथ देकर सुरीला बना दिया। शालिनी भार्गव के नृत्य निर्देशन में कृष्ण जन्म की लीलाओं की प्रभावी प्रस्तुतियां आकर्षण का केन्द्र रही। वहीं, श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता पर आधारित भजन और नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति देकर सभी की पलके गीली कर दी।

गोविंद देवजी मंदिर के सेवाधिकारी मानस गोस्वामी ने बताया कि 24 अगस्त को सुबह श्री विट्ठल भैया एवं उनके साथी भजन-संकीर्तन करेंगे। शाम को श्री गौरांग महाप्रभु संकीर्तन मंडल की ओर से भजन संकीर्तन होगा। 25 अगस्त को सुबह वृंदावन वैष्णव मंडल की ओर से अष्ट प्रहर हरिनाम संकीर्तन होगा।

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