जयपुर। राज्य में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा व सुविधा के पुख्ता प्रबंधों को सुनिश्चित करने और पर्यटकों की यात्रा को सरल व सुगम बनाने की दृष्टि से गुरुवार को पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में पुलिस व पर्यटन विभाग के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए पुलिस, प्रशासन व पर्यटन विभाग में समन्वय स्थापित करते हुए पर्यटकों की सुविधाओं के लिए बेहतर व्यवस्थाओं के संबंध में महत्वपूूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने बैठक में राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुरक्षा व सुविधाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए पर्यटन स्थलों पर स्थापित पर्यटक सहायता बल (टीएएफ) को और सुदृढ़ करने, पर्यटन थानों की संख्या बढ़ाने और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए अपेक्षित पुलिस बल लगाने और इन्हें उचित प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने हाल ही में पर्यटन विकास के लिए बजट में दी गई स्वीकृति पर कार्ययोजना तैयार करने व पर्यटन स्थलों पर विशेष त्यौहारों, मेलों के साथ—साथ सामयिक आयोजनों में भी पर्यटन विभाग की उपस्थिति सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य भर के विभिन्न धार्मिक पर्यटन स्थलों यथा खाटू श्यामजी, मेहंदीपुर बालाजी, सालासर बालाजी, रामदेवरा, गोगामेड़ी, पुष्करजी, श्रीनाथद्वारा, सांवरियाजी आदि में कुशल प्रबंधन के लिए देवस्थान, पुलिस व प्रशासन मिलकर कार्य करें और पर्यटकों व श्रद्धालुओं के लिए उचित व्यवस्थाएं करें।
बैठक में डीजी (ट्रेफिक) अनिल पालीवाल ने पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुविधा के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं के साथ—साथ विभिन्न दूतावासों से संपर्क कर पर्यटन आमंत्रण की बात कही। आईजी अजयपाल लांबा ने डीजी—आईजी कांफ्रेंस में प्रधानमंत्री द्वारा पर्यटकों की सुविधा के लिए राज्य के पर्यटन स्थलों पर अन्य राज्यों के पुलिस अधिकारियों को नियोजित करने, एक ही स्थान पर समस्त सरकारी कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, पर्यटन स्थलों पर अधिकाधिक सीसीटीवी कवरेज करने, पांच डेस्टिनेशन जहां सबसे ज्यादा ट्यूरिस्ट आते हैं वहां पर्यटन थाना बनाने, ट्यूरिज्म के नेशनल पोर्टल पर राज्यों के पोर्टल को लिंक करने आदि के सुझावों की जानकारी दी।
बैठक के आरंभ में पर्यटन विभाग की ओर से पर्यटन आयुक्त रूकमणि रियाड ने पर्यटन स्थलों की वर्तमान स्थिति और यहां पर विभाग द्वारा पर्यटकों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए विभाग द्वारा तैयार की गई प्रचार सामग्री, बूथ डिजाइन, प्रशिक्षण इत्यादि के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गत बैठक की अनुपालना में दिए गए निर्देशों की अनुपालना में टीएएफ और पुलिस समन्वय के लिए कालिका पेट्रोलिंग यूनिट को अपनी रूटिन पेट्रोलिंग दौरान टूरिस्ट साइट को भी कवर करने के लिए कहा गया है।
खाटूश्यामजी मेले में विशेष प्रबंध करने के निर्देश
डीजीपी शर्मा ने खाटूश्यामजी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए पर्यटन पुलिस और टीएएफ की ओर से विशेष प्रबंध किए जावें। उन्होंने पर्यटकों की सुविधा के लिए जगह—जगह पुलिस सहायता प्राप्त करने के लिए नियंत्रण कक्ष नंबर, पुलिस हेल्पलाइन 112, राजकॉप सिटीजन एप आदि के लिंक इत्यादि दर्शाती हुई स्टेंडीज व टीएएफ की ओर से विशेष सहायता बूथ स्थाापित करने के निर्देश दिए और कहा कि टीएएफ की उपस्थिति दिखनी चाहिए।
पर्यटकों को मिले सभी बेहतर सुविधाएं
डीजीपी शर्मा ने पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप आमेर की केस स्टडी में आई अपेक्षाओं को समस्त पर्यटक स्थलों पर लागू करने की बात कही। उन्होंने सभी पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के साथ-साथ पर्यटकों को स्वच्छ वातावरण और आवागमन के लिए व्यवस्थित सड़क सुविधा के साथ-साथ पर्यटकों के लिए अपेक्षित सूचनाओं की उपलब्धता के संबंध में उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों के साथ-साथ रेल्वे स्टेशन, हवाई अड्डा और अन्य स्थानों पर पर्यटकों की सुविधा के लिए पर्यटक सहायता बूथ स्थापित हो जहां पर पर्यटक किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल संपर्क कर सकें।
उन्होंने इस बूथ पर रोडमेप व समस्त सूचनाओं युक्त क्यूआर कोड व हेल्पलाईन नंबर स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अलग-अलग देशों से आने वाले पर्यटकों को पर्यटन स्थलों की जानकारी देने वाले विभिन्न भाषा वाले साईन बोर्ड लगाने के साथ-साथ विदेशी भाषाओं का कोर्स करने वाले युवक-युवतियों को बतौर लेग्वेज एक्सपर्ट्स नियुक्त करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने पर्यटकों की आकस्मिक चिकित्सा के लिए व्यवस्था भी उपलब्ध कराने व महिला पुलिसकार्मिकों व गाईड उपलब्ध कराने की बात कही।
बैठक में एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) वी.के.सिंह, एडीजी (ट्रेफिक) बीएल मीणा सहित पर्यटन, आरटीडीसी,आमेर विकास एवं प्रबंधन प्राधिकरण, नगर निगम और संबंधित पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

