जयपुर। राजस्थान में केसंस फार्मा द्वारा निर्मित खांसी की सिरप से अब तक तीन मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है। आम आदमी पार्टी ने इसे प्रदेश सरकार की घोर लापरवाही और दोषी कंपनियों को संरक्षण देने का गंभीर उदाहरण बताया है। इसी मुद्दे पर शनिवार जयपुर के सरना डूंगर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित केसंस फार्मा फैक्ट्री के बाहर “हल्ला बोल प्रदर्शन” किया गया।
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने फैक्ट्री पर प्रतीकात्मक ताला लगाने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर फैक्ट्री को घेर लिया। पुलिस ने आप कार्यकर्ताओं को खदेड़ दिया और शांतिपूर्ण धरना रोक दिया।
इस दौरान आप कार्यकर्ताओं ने केसंस फार्मा की सभी दवाओं पर तत्काल बैन लगाने और दिवंगत तीन मासूम बच्चों सहित उन दस से अधिक बच्चों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की, जो इस जहरीली सिरप की चपेट में आकर जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
आप राजस्थान प्रभारी धीरज टोकस ने कहा कि “यह केवल तीन बच्चों की मौत का मामला नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश की जनता की सुरक्षा का सवाल है। आम आदमी पार्टी इस लड़ाई को आखिरी दम तक लड़ेगी। अगर हमारी मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो पूरे राजस्थान में जन आंदोलन किया जाएगा।”
सह प्रभारी घनेन्द्र भारद्वाज ने कहा कि “सरकार और प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है। दोषियों को बचाने की बजाय उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। अगर सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के आवास का घेराव किया जाएगा।”
आप नेता अमित दाधीच ने कहा कि “शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकना बेहद शर्मनाक है। सरकार कंपनी को बचाने में लगी है जबकि जनता की जान दांव पर लगी है।”सरकार सच्चाई से डर रही है और सत्ता के बल पर जनता को डराने का प्रयास कर रही है। यह सरकार बच्चों की जिंदगियों से खिलवाड़ कर रही है — ‘भाड़ में जाए जनता, अपना काम बनता’ भाजपा की यही नीति बन चुकी है।”

