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एजीटीएफ ने जी क्लब फायरिंग मामले में वांछित लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य अभय सिंह राठौड़ को पकड़ा

AGTF arrests Lawrence Bishnoi gang member Abhay Singh Rathod, wanted in Zee Club firing case.

AGTF arrests Lawrence Bishnoi gang member Abhay Singh Rathod, wanted in Zee Club firing case.

जयपुर । एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स राजस्थान की टीम ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई कर जयपुर के जवाहर सर्किल स्थित जी क्लब में हुई फायरिंग के मामले में फरार चल रहे लॉरेंस गैंग के वांटेड अपराधी अभय सिंह राठौड़ पुत्र सोहन सिंह निवासी चैनपुरा बड़ा थाना सिधमुख जिला चूरू को पकड़ने में सफलता हासिल की है।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस अपराध एवं एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स दिनेश एमएन ने बताया कि वांछित अपराधियों की आसूचना संकलन के लिए भेजी गई एक टीम को जयपुर के जी क्लब में हुई फायरिंग के मामले में वांछित चल रहे गैंगस्टर अभय सिंह के बारे में सूचना मिली थी।

एडीजी ने बताया कि इस सूचना पर आईजी प्रफुल्ल कुमार के पर्यवेक्षण व एडिशनल एसपी विद्या प्रकाश के सुपरविजन तथा सब इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में एएसआई शैलेंद्र शर्मा, दुष्यंत सिंह, हेड कांस्टेबल शाहिद अली, कांस्टेबल रविंद्र सिंह, महेंद्र सिंह व बृजेश कुमार को रवाना किया गया। टीम ने वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चयनित किए गए जी क्लब फायरिंग मामले में फरार चल रहे गैंगस्टर अभय सिंह राठौड की गतिविधियों पर नजर रखी।

गुरुवार को टीम को सूचना मिली कि अभय सिंह जयपुर के वैशाली नगर में एक होटल में छुपा हुआ है। सूचना पर टीम ने दबिश देकर लॉरेंस गैंग के सदस्य अभय सिंह को डिटेन् किया और उसे अग्रिम कार्रवाई के लिए थाना जवाहर नगर सर्किल पुलिस को सुपुर्द किया गया। आरोपी के विरुद्ध हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, जमीनों पर कब्जे, मारपीट व फिरौती जैसी गंभीर धाराओं के कल 8 प्रकरण बीकानेर, गंगानगर एवं जयपुर में दर्ज है।

गैंगस्टर अभय सिंह ने घटना के बाद गुजरात, गोवा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, मानेसर गुड़गांव, दिल्ली और जयपुर आदि स्थानों पर फरारी काटी है। आरोपी से गहनता से पूछताछ की जा रही है।

एडीजी ने बताया कि इस कार्रवाई में एसजीटीएफ के सब इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह, एएसआई शैलेंद्र शर्मा, दुष्यंत सिंह, हेड कांस्टेबल शाहिद अली, चन्द्र पाल, नरेंद्र सिंह, अभिमन्यु सिंह, कांस्टेबल रविंद्र सिंह, महेंद्र सिंह व बृजेश कुमार की विशेष भूमिका व कांस्टेबल संजय का तकनीकी रहा।

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