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89 की उम्र में धर्मेंद्र ने एकता जैन के साथ अपने लोनावला फार्महाउस पर मनाया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

At the age of 89, Dharmendra celebrated International Yoga Day with Ekta Jain at his Lonavala farmhouse

At the age of 89, Dharmendra celebrated International Yoga Day with Ekta Jain at his Lonavala farmhouse

मुंबई । बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेन्द्र ने 89 वर्ष की उम्र में यह साबित कर दिया कि उम्र केवल एक संख्या है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अपने लोनावला स्थित फार्महाउस में एक विशेष योग सत्र में हिस्सा लिया। इस सत्र में उनके साथ अभिनेत्री, मॉडल, एंकर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एकता जैन भी शामिल हुईं। दोनों ने अनुलोम-विलोम, प्राणायाम और अन्य श्वास नियंत्रण अभ्यास किए।

यह योग सत्र स्वास्थ्य, एकाग्रता और सम्पूर्ण जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान एकता जैन ने धर्मेन्द्र जी की ऊर्जा की प्रशंसा करते हुए कहा, “धर्मेन्द्र सर में बहुत ऊर्जा है। उन्होंने साबित कर दिया कि उम्र महज एक संख्या है।” उन्होंने यह भी कहा कि योग आज की पीढ़ी के लिए मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखने का एक शक्तिशाली माध्यम है।

अपने सरल जीवन और अनुशासन के लिए मशहूर धर्मेन्द्र ने सभी आयु वर्ग के लोगों को योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “योग सभी को करना चाहिए, स्वस्थ जीवन के लिए,” और यह भी बताया कि योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि आत्म-संपर्क का मार्ग है।

इस अवसर पर प्रसिद्ध एक्शन डायरेक्टर मोहन बग्गड़ और उनके बेटे सोनू बग्गड़ भी उपस्थित थे। सोनू बग्गड़ धर्मेन्द्र की आने वाली फिल्म “मैंने प्यार किया फिर से” में नकारात्मक भूमिका निभा रहे हैं। यह फिल्म रोनी रोड्रिग्स द्वारा पी बी सी मोशन पिक्चर प्रा. लि. के बैनर तले निर्मित की जा रही है, और भावनात्मक कहानी के साथ धर्मेन्द्र की वापसी को दर्शकों के बीच लेकर आ रही है।

योग दिवस के साथ-साथ धर्मेन्द्र ने विश्व संगीत दिवस पर भी अपने विचार साझा किए, जो इसी दिन मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि संगीत और योग दोनों ही जीवन में शांति और आनंद का माध्यम हैं और इनका अभ्यास मानसिक और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है।

धर्मेन्द्र के लोनावला फार्महाउस पर यह आत्मीय योग सत्र एक प्रेरणादायक उदाहरण बना, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि उम्र, अनुशासन और जुनून एक साथ कितनी खूबसूरती से निभ सकते हैं- खासतौर पर जब वे भारतीय परंपराओं जैसे योग और कला से जुड़े हों।
(अनिल बेदाग)

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