July 16, 2024, 12:19 am
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संविधान बचाओ-देश बचाओ संकल्प यात्रा 28 सितम्बर से निकाली आजाद समाज पार्टी

जयपुर। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) देशभर में संविधान बचाओ-देश बचाओ संकल्प के साथ यात्रा 28 सितम्बर से निकाली जाएगी। पहले चरण की इस यात्रा का आगाज उत्तर प्रदेश से होगा और फिर यह संकल्प यात्रा मध्य प्रदेश तथा राजस्थान पहुंचेगी। राजस्थान में यात्रा दस दिन तक चलेगी और 25 जिलों में जाएगी। पार्टी पदाधिकारियों ने संविधान में आस्था रखने वाले सभी व्यक्तियों और संस्थाओं से अपील है कि संविधान बचाओ-देश बचाओ संकल्प यात्रा से जुड़े और यात्रा को सफल बनाए ताकि संविधान बदलने की साजिश रचने वाले लोगों को मुंहतोड़ जवाब मिल सके और कोई भी संविधान की तरफ आंख उठाकर देखने से पहले सौ बार सोचें।

आजाद समाज पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष प्रोफेसर राम लखन मीणा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएएसी-पीएम) के अध्यक्ष विवेक देबरॉय द्वारा एक अखबार में नए संविधान की मांग करते हुए लेख लिखना मात्र संयोग नहीं है बल्कि इसके पीछे एक साजिश है जो आरएसएस-बीजेपी की सुप्त मनोदशाओं को अभिव्यक्त करती है।

प्रदेश प्रभारी सत्यपाल चौधरी ने कहा कि संघ प्रमुख भागवत ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि संविधान के बहुत सारे हिस्से विदेशी सोच पर आधारित हैं और जरूरत है कि आजादी के 70 साल के बाद इस पर गौर किया जाये। गौरतलब है कि यह सब पीएम की मर्जी से हो रहा है। अन्यथा कोई बाबा साहब के संविधान की जगह नया संविधान बनाने की वकालत कर रहा है, और पीएम चुप्पी साधे रहे, यह भला कैसे संभव है? यहाँ तक कि खुद पीएम और पीएमओ किसी ने भी इसका खंडन नहीं किया।

उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है, जब इस तरह के मुद्दे पर लिखा या बोला गया है। आरएसएस-बीजेपी बार- बार इसीलिए करते हैं क्योंकि वे दलित-आदिवासी, पिछड़े, अल्पसंख्यकों और महिलाओं को उनका वाजिब हक देने के विरोधी है। इसीलिए समय-समय पर कई बार उनका असली चेहरा उजागर हुआ है, इसमें तनिक भी संदेह नहीं है। सदियों से प्रताड़ित, हाशिए पर पड़े गरीबों के लिए प्रदत्त आरक्षण खत्म करने और संविधान को बदलने की साजिश भी बेनकाब होती रही है।

दरअसल, आरएसएस-संघी राष्ट्रीयता का बुर्का पहने आतंकवादी है, भला इन्हें संविधान में आस्था कैसे हो सकती है। इसी मंशा से गोलवलकर ने श्बंच ऑफ थॉट श्एक देश, एक राज्य, एक विधान मण्डल, एक कार्य पालिका पर जोर दिया। संविधान बदलने की इतनी बड़ी साजिश के बावजूद कोई भी राजनीतिक दल खुलकर इसका विरोध नहीं कर रहे हैं।

इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष विनीत सांखला सैनी, जिलाध्यक्ष जयपुर अमित डडोरिया, जिलाध्यक्ष जयपुर नॉर्थ नरेंद्र तंवर, नीरज मौर्य, नवीन वाल्मीकि, लोकेश खोलिया एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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