जयपुर। मुरलीपुरा के विकासनगर विस्तार स्थित मंदिर श्री राधा कृष्ण मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का सुदामा चरित्र, नवयोगेश्वर संवाद, कलियुग वर्णन और परीक्षित मोक्ष के प्रसंग के साथ विश्राम हुआ। व्यासपीठ से पं. जितेन्द्र भारद्वाज ने कहा कि भागवत कथा आदर्श मृत्यु के वरण का संदेश देने वाला महान ग्रंथ है। मृत्यु सुनिश्चित है। इस मौके पर हवन भी हुआ। यजमानों ने विश्व कल्याण की कामना के साथ आहुतियां प्रदान की।
मुरलीपुरा में भागवत कथा का विश्राम

Bhagwat Katha ends in Murlipura
