जयपुर। भाजपा सरकार की खेल नीतियों, खिलाड़ियों को समय पर प्रोत्साहन राशि व टीए-डीए नहीं मिलने, भर्ती प्रक्रिया को जटिल बनाने, मनरेगा में कटौती और प्रदेश में बढ़ते नशे के मुद्दे को लेकर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के खेलकूद प्रकोष्ठ ने मंगलवार को विधानसभा घेराव किया।
प्रदर्शन के दौरानपुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई और उन पर पुलिस ने वॉटर कैनन चलाई। जानकारी के अनुसार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जैसे ही विधानसभा की ओर बढ़ने का प्रयास किया, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर दी।
इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर किया। विधानसभा घेराव को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार पर खेलों की उपेक्षा का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय शुरू किए गए कई खेल स्टेडियम निर्माण कार्य बंद कर दिए गए हैं और खेल मैदानों पर अतिक्रमण बढ़ रहा है। डोटासरा ने कांग्रेस खेलकूद प्रकोष्ठ की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि अमीन पठान के नेतृत्व में यह विंग सभी प्रकोष्ठों में बेहतर कार्य कर रहा है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मनरेगा योजना ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और किसानों के लिए जीवन रेखा है, लेकिन बजट और कार्यदिवसों में कटौती से लाखों परिवारों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रदेश में बढ़ते नशे को भी गंभीर चिंता का विषय बताया और कहा कि खेल गतिविधियों में कमी युवाओं को नशे की ओर धकेल रही है।
प्रदेश कांग्रेस खेलकूद प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अमीन पठान ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण खेल बजट में कमी, ग्रामीण प्रतिभाओं की अनदेखी और खिलाड़ियों को सुविधाओं का अभाव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान 15-20 कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं।
पुलिस ने बर्बरता पूर्वक हम पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर लाठियां बरसाई। हम डरने वाले नहीं हैं। पुलिस गोलियां चलाएगी तो भी हम युवाओं की आवाज को उठाते रहेंगे। कांग्रेस खेल प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अमीन पठान ने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे और सरकार को जवाब देना होगा।
प्रदर्शन में विधायक अमीन कागजी, हाकम अली, अर्चना शर्मा सहित कई नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

