भक्ति के लिए समर्पित करो जीवन -आचार्य घनश्याम दास

जयपुर। दुगार्पुरा सिंधी कॉलोनी के प्राचीन हनुमान मंदिर में चल रहे श्रीमद भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में भक्तों ने अजामिल उपाख्यान,प्रहलाद चरित्र गजेन्द्र मोक्ष व समुद्र मंथन की कथा की कथा सुनी,जिसे सुन श्रद्धालू भाव विभोर हो उठे। बुधवार को कथा प्रसंग के तहत नंदोत्सव मनाया जाएगा।

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Acharya Ghanshyam Das
Acharya Ghanshyam Das

जयपुर। दुगार्पुरा सिंधी कॉलोनी के प्राचीन हनुमान मंदिर में चल रहे श्रीमद भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में भक्तों ने अजामिल उपाख्यान,प्रहलाद चरित्र गजेन्द्र मोक्ष व समुद्र मंथन की कथा की कथा सुनी,जिसे सुन श्रद्धालू भाव विभोर हो उठे। बुधवार को कथा प्रसंग के तहत नंदोत्सव मनाया जाएगा।

इस मौके पर व्यास पीठ से वैष्णव भूषण आचार्य घनश्याम दास महाराज ने कहा कि जीवन उसी का धन्य है जो भक्ति के लिए अपना जीवन समर्पित करता है। निष्काम भाव से की गई भक्ति जीवन में सदैव कारगर रहती है। संसार में जो सुख प्रभु की भक्ति करने में वह तुम्हें कहीे भी प्राप्त नही हो सकता।

उन्होंने आगे कहा कि जीवन में जैसी भक्ति भक्त प्रहलाद व धु्रव ने की की थी।,वैसी ही भक्ति हम सभी को जीवन में करनी चाहिए। सच्चे मन से की भक्ति से भगवान भी प्रसंन हो जाते है। भक्ति में यदि शक्ति हो तो भगवान भी दौडे-दौडे चले आते है। इसीलिए भक्ति भी सच्चे मन से करो।

प्रवक्ता कैलाश खंडेलवाल ने बताया कि बुधवार को कथा प्रसंग के तहत 4 को वामन अवतार,रामजन्म की कथा के बाद भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव नंदोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। 14 को भगवानश्री कृष्ण की बाललीला, माखनचोरी लीला, चीर हरण कालिया नाग मर्दन, गिरिराज पूजन,15 को महारास लीला,कंस वध,गोपी उद्धव संवाद व रूकमणि विवाह व 16 को श्रीकृष्ण सुदामा मिलन,शुकदेव की विदाई व परीक्षित मोक्ष व व्यास पूजन के साथ कथा की पूणार्हुति होगी।

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