धुलंडी के रंग में रंगी नजर आई राजधानी 

प्रदेशभर मे में होली का त्योहार  पूरे उमंग और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । होली  के दिन चारों ओर बस एक ही गूंज सुनाई दे रही है, बुरा न मानो होली है। हर जगह लोग होली के जश्न में डूबे नजर आए।  राजधानी जयपुर समेत जोधपुर, उदयपुर

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जयपुर। प्रदेशभर मे में होली का त्योहार  पूरे उमंग और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । होली  के दिन चारों ओर बस एक ही गूंज सुनाई दे रही है, बुरा न मानो होली है। हर जगह लोग होली के जश्न में डूबे नजर आए।  राजधानी जयपुर समेत जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर समेत सभी शहरों, गावों और छोटे-बड़े सभी कस्बों मोहल्लों में बच्चे, युवा बुजुर्ग और महिलाओं सभी पर होली का खुमार छाया रहा ।
हर तरफ  रंगों की खूबसूरत छटा नजर आ रही थी। होली के रंगों और उमंगों का उल्लास सुबह से ही नजर आया। हालांकि  सुबह से चल रही सर्द हवाओं के कारण लोगों ने पानी से होली खेलने से परहेज किया। जोधपुर, बीकानेर और श्रीगंगानगर में भारत पाक सीमा पर तैनात सैनिकों ने भी एक दूसरे के रंग लगा बधाइयां दीं।
रंगों के इस त्योहार में राजधानी में सद्भाव का रंग घुला। लोगों ने एक दूसरे को प्रेम की फुहारों से जमकर भिगोया। लोगों ने घुलंडी पर परस्पर रंग, गुलाल, और अबीर आदि रंगो से होली खेली। इस दौरान सांस्कृतिक और धार्मिक संस्कृति की मिसाल देखने को मिली। युवाओं की कई टोलियों ने चंग ढफ  और ढोल नगाड़ों के साथ सड़कों पर खूब मस्ती की। लोग सारे गिले शिकवे भुलाकर एक दूसरे के गले लगे और मिठाई खिलाकर एक दूसरे को बधाई दी।
बच्चों में पिचकारी से होली खेलने का उत्साह नजर आया। मंदिरों में होली की छटा दिखी। शहर के होटल्सए रिसोटर्स और गेस्ट हाउसेज में भी होली की धमचक दिखी। देसी विदेशी सैलानियों ने खूब होली खेली
पर्यटकों ने होली खेलने के प्रति जबरदस्त उत्साह दिखाया। राजधानी घूमनेआए विदेशी पर्यटक भी खुद को होली खेलने से अपने आप को रोक नहीं पाए और जम कर होली खेली। बच्चों के साथ साथ युवाओं की टोलियां, युवतियां, महिलाएं और बुजुर्ग भी होली के रंग में रंगे दिखे। वहीं धुलंडी और रामा श्यामा की भी रौनक रही। लोगों के चेहरे रंग अबीर गुलाल से सराबोर नजर आए।
बच्चे पिचकारियों में रंग भर कर एक दूसरे पर छोड़ते हुए दिखाई दिए। कई युवक रास्ते में आने जाने वाले लोगों के भी रंग लगा रहे थे। वहीं बुरा न मानो होली है कहते हुए पिचकारी से भी रंग की फुहारें फेंक रहे थे। ठंडी बयार, फागुन की छटा और रंगों का इंद्रधनुष उत्साह में चार चांद लगा रहा था।
वहीं बच्चों और युवाओं की टोलियां आपस में एक दूसरे के रंग लगाती हुई दिखाई दीं। घरों में महिलाओं और बुजुर्गों ने भी नेह का गुलाल लगाया। लोक गीत और संगीत से सराबोर युवाओं और फाग मंडलियों ने मधुर लोक गीतों और संगीत से माहौल को खुशगवार बना दिया। पुष्कर में विश्व प्रसिद्ध कपड़ा फाड़ होली खेली गई।
देशी विदेशी पर्यटक होली का धमाल मचाया।  सुरक्षा व्यवस्था भी कडी कर दी गई है। कोटी नगरी भी होली के रंग में रंगी नजर आई। लोग अपने परिवार जनो और मित्रों के साथ धुलंडी मना रहे हैं। जयपुर के आराध्य देव गोविन्द देवजी मंदिर में लोग जम कर अपने इष्ट देव के साथ अबीर गुलाल उडा कर होलीखेल रहे हैं। भाजपा मुख्यालय में भी कार्यकर्ता जम कर एक दूसरे को रंग लगा कर बधाई दी ।

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