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यह जो साल में एक बार गुरु पूर्णिमा आती है, उस दिन गुरु की दया बरसती है – बाबा उमाकांत महाराज

Guru Purnima comes once a year and the Guru's blessings are showered on that day - Baba Umakant Maharaj

Guru Purnima comes once a year and the Guru's blessings are showered on that day - Baba Umakant Maharaj

जयपुर। अजमेर रोड, ठिकरिया टोल प्लाजा के निकट जयपुर स्थित बाबा उमाकांत महाराज आश्रम पर प्रात काल गुरु पूर्णिमा पर्व भक्ति भाव से मनाया गया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पूजन करने के बाद अपने सत्संग में कहा हर काम का मुहूर्त होता है, समय होता है और मुहूर्त में जब कोई काम करते हैं तब उसमें ज्यादा सफलता मिलती है। यह जो साल में एक बार गुरु पूर्णिमा आती है, उस दिन गुरु की दया बरसती है।

यहां एक-सवा लाख लोगों ने अपने-अपने स्थान पर बैठ कर के गुरु को याद किया है, गुरु से दया मांगी है। तो यहां गुरु की दया की बरसात में साधक भीगे हैं, जिन्होंने अपने शरीर को रोक कर रखा है, जिन्होंने अपने मन को रोका है जो बराबर भागता है। मन का काम है भागते रहना, चलते-घूमते रहना, इसकी आदत बन गई। जब से यह सुरति के साथ लगा है तब से यह सुरति (जीवात्मा) को भरमा रहा है। लेकिन गुरु ने जो रास्ता बताया, गुरु ने जो कहा, उस हिसाब से जब लोग करते हैं तब यह मन रुकने लगता है।

जिसका मन यहां, साधना में रुक गया, उन्होंने अमृत पान किया

जिसका मन यहां रुक गया, उन्होंने अमृत पान किया। अब इसी तरह से दया लेने के लिए आप साधक, जो अपने वतन, अपने घर, जहाँ आपका परिवार है, बच्चे हैं, जहाँ आपका कुनबा है, जिनके साथ आपका कई जन्मों के कर्मों का लेना-देना है, उसको अदा करने के लिए जा रहे हो, वहाँ भी आप इसी तरह से साधना करने की आदत बनाए रखना और वहाँ भी अमृत पीना, क्योंकि देने वाला तो कहीं भी दे सकता है।

जो नए लोग थे उनको कम से कम बैठने की आदत तो बनी। जिनका मन एक सेकंड भी नहीं रुकता था, यहां जब देर तक बैठे तो मन पर काबू तो लगा। तो इस गुरु पूर्णिमा के आयोजन में लोगों को अबकी बार आध्यात्मिक लाभ मिला है, संतुष्टि है। बाबा उमाकान्त महाराज के सानिध्य में चार दिवसीय साधक गुरु पूर्णिमा महोत्सव संपन्न हुआ।

देश और विदेश से भक्तगण श्रद्धालु गुलाबी नगरी जयपुर में लाखों की संख्या में गुलाबी वस्त्र पहनकर इस साधक गुरु पूर्णिमा 2025 में भाग लेने के लिए कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। संगत द्वारा सभी लोगो के लिए भोजन भंडारे, शौचालय, पीने के पानी के टैंकर, बिजली की व्यवस्था की गई।

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