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रमजान के आखिरी जुम्मे नमाज पर अल्लाह की इबादत्त में झुके सिर

Heads bowed in worship to Allah on the last Jumma Namaz of Ramadan.

Heads bowed in worship to Allah on the last Jumma Namaz of Ramadan.

जयपुर। राजधानी जयपुर में शुक्रवार को रमजान के आखिरी जुम्मे (जुमातुल विदा) पर एक साथ नमाज पढ़ी गई। जयपुर में सबसे बड़ी नमाज जौहरी बाजार स्थित जामा मस्जिद में हुई। यहां मुफ्ती शहर मोहम्मद जाकिर नोमानी ने नमाज अदा करवाई। इसके साथ ही रामगंज, घाटगेट, शास्त्री नगर, भट्टा बस्ती, एमडी रोड, सुभाष चैक, सांगानेर, चांदपोल, झोटवाड़ा सहित छोटी-बड़ी सभी मस्जिदों में नमाज पढ़ी गई।

मुख्य नमाज से पहले जामा मस्जिद पर दोपहर 12.40 पर अजान हुई। जामा मस्जिद के सेक्रेटरी जहीर उल्ला खान ने साल भर का लेखा-जोखा पेश किया। उसके बाद जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती सैयद अमजद अली ने नमाज और रोजे के बारे में बताया। साथ ही रोजों के बाद ग्यारह महीने इसी तरह से जिंदगी गुजारने की नसीहत दी।
उन्होंने कहा कि रोजे तबीयत के लिए है। ताकि ग्यारह महीने इंसान अच्छे से जिंदगी गुजार सके। रोजे पूरे होने के बाद अक्सर लोग अपनी पुरानी जिंदगी में चले जाते हैं। जबकि पुराने गुनाहों से तौबा करना और एक नई जिंदगी गुजारना रोजों का असल मकसद होता है।

जयपुर शहर मुफ्ती जाकिर नोमानी ने कहा कि आजकल लोगों ने मांगने का सिस्टम बना लिया है। इससे हकदार को उसका हक नहीं मिल पाता। जिसके पास 12 हजार से ज्यादा रकम हो। उसे मांगने का हक नहीं है। इसका मतलब यह है की जो पैसे वाले हैं, ईद उन्हीं की नहीं है। बल्कि उन गरीब लोगों की भी है, जिनके पास सरमाया नहीं है। वह सदाकत अल-फितर अदा करके ही ईद की नमाज पढ़ें। उन्होंने कहा इस बार एक आदमी का फितरा साठ रुपए रखा गया है।
जामा के सेक्रेटरी जहीर उल्ला खान ने कहा कि जामा मस्जिद में ईद की नमाज सुबह 7 बजे की जाएगी। 8.30 बजे ईदगाह में नमाज की अदायगी होगी।

जामा मस्जिद के नायब सदर जावेद हयात खान ने कहा कि जुमातुल विदा की नमाज सुकून के साथ पूरी हुई और जयपुर के हर कोने-कोने से लोग नमाज अदा करने पहुंचे।

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