गोविंद के दरबार में जमकर उड़ी गुलाल

देवस्थान विभाग के मंदिरों में फागोत्सव की धूम रही। इस मौके पर ठाकुरजी की झांकी सजाई और ठाकुरजी को गुलाल अर्पित की।  मंदिर में पैर रखने की जगह तक नहीं है। कई शहरों से आए भक्तों ने कई किलो गुलाल उड़ाई और गोविंद के जयकारों के बीच होली का आनंद लिया

0
31
Govinddevji
Govinddevji

जयपुर। देवस्थान विभाग के मंदिरों में फागोत्सव की धूम रही। इस मौके पर ठाकुरजी की झांकी सजाई और ठाकुरजी को गुलाल अर्पित की।  मंदिर में पैर रखने की जगह तक नहीं है। कई शहरों से आए भक्तों ने कई किलो गुलाल उड़ाई और गोविंद के जयकारों के बीच होली का आनंद लिया।

इस अवसर पर ठाकुरजी का शृंगार कर विशेष पोशाक धारण करवाई गई। भक्तों ने भी कान्हा संग होली खेलकर शुभकामनाएं दी। ठाकुरजी के मंदिरों में रंग मत डारे रे सांवरिया म्हारो गूजर मारे रे…, नैना नीचा कर ले श्याम से मिलावेली काईं…, आज बिरज में होली रे रसिया…, होली खेले तो म्हारा बागां में आज्यो…, होलिया में उड़े रे गुलाल छायो रंग केसरिया.. जैसे भजनों की रसधारा बह निकली।

श्रीकृष्ण मंदिरों में तो होली का डांडा रोपने के साथ ही फागोत्सव शुरू हो जाता है। और फाल्गुन का महीना कान्हा के दरबार में फागोत्सव रहता है। भजनों की स्वर लहरियों के बीच उड़ती गुलाल से माहौल भक्ति से सरोबार हो उठता है।

मनोहरी शृंगार कर रचना झांकी सजाई

चांदनी चौक स्थित मंदिर श्री ब्रजनिधिजी में पुजारी भूपेन्द्र कुमार रावल के सान्निध्य में फागोत्सव मनाया गया। ठाकुरजी की मनोहरी शृंगार कर रचना झांकी सजाई गई। इस मौके पर भजन गायकों ने रंग मत डारे रे कन्हैया म्हारो गुजर मारे रे… जैसे भजनों पर भक्तों को नाचने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान खूब गुलाल उडाई गई। भक्तों ने नृत्य कर ठाकुरजी को रिझाया और ठाकुरजी के साथ गुलाल व फूलों की होली खेली।

विदेशी भक्त भी थिरके

हवा महल के पास स्थित देवस्थान विभाग के विजय गोविन्ददेवजी मंदिर में पुजारी ओमप्रकाश शर्मा के सान्निध्य में फागोत्सव मनाया गया। ठाकुरजी की नवीन पोशाक धारण करवा कर अशोक के पत्तों से झांकी सजाई गई। भक्तों ने ठाकुरजी को पुष्प और गुलाल अर्पित की और आपस में तिलक होली खेली। इस मौके पर देशी विदेशी श्रद्धालु ने नृत्य कर ठाकुरजी के को रिझाया। उत्सव में बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे। ठाकुरजी को भोग लगाने के बाद भक्तों ने पंगत प्रसादी का आनंद उठाया।

उडी गुलाल,रंगों के साथ स्वाद का लगा तड़का

वहीं एक-दूजे को गुलाल लगाने का सिलसिला शुरू हो गया है। धुलण्डी के दिन रंगों के साथ गुजिया और कचौड़ियों के स्वाद का तड़का भी लगा। वहीं दिन भर सोशल मीडिया पर होली की बधाइयों का दौर चला। लोग अपने दोस्तों व उनके परिजनों को रंगों के इस महापर्व की बधाइयां दी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here