विवादों में रहने वाले आईपीएस पंकज चौधरी पुलिस सेवा से बर्खास्त

जयपुर। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को राजस्थान क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो में तैनात भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी पंकज चौधरी की सेवाएं समाप्त कर दी है। राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग ने सेवा समाप्त करने का नोटिस पंकज चौधरी के गांधी नगर स्थित घर पर चस्पा कर दिया है।

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जयपुर। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को राजस्थान क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो में तैनात भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी पंकज चौधरी की सेवाएं समाप्त कर दी है। राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग ने सेवा समाप्त करने का नोटिस पंकज चौधरी के गांधी नगर स्थित घर पर चस्पा कर दिया है। गौरतलब है कि पंकज चौधरी पिछली सरकार में विवादास्पद रहे थे, ऐसे में शायद पिछली सरकार से विवाद मोल लेना उनके लिए भारी पड़ गया है। हालांकि पंकज चौधरी अपनी सेवाएं समाप्त किए जाने को लेकर कोर्ट चुनौति देने की बात कहीं है।

पूर्व सीएम वसुंधरा राजे व प्रदेश नौकरशाही के कई आईएएस व आईपीएस के खिलाफ सोशल मीडिया व मीडिया के माध्यम से निशाना साधने वाले राजस्थान पुलिस सेवा में 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी पंकज चौधरी को बुधवार को बर्खाश्त कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय व कार्मिक विभाग ने चौधरी के रवैए के चलते पूर्व में बर्खाश्त करने की अनुसंशा की थी।

इस पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा पंकज चौधरी को सेवामुक्त कर दिया और उनके घर के बाहर सरकार ने नोटिस चस्पा कर दिया है। बता दें कि पंकज चौधरी लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे थे और पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार एवं उनके बीच कई आरोप-प्रत्यारोप लगे थे। उस समय कार्मिक विभाग ने चौधरी को सेवामुक्त करने की केन्द्रीय गृह मंत्रालय से सिफारिश की थी।

ऐसे में कार्मिक विभाग की ओर से केन्द्रीय गृह मंत्रालय से की गई करीब 8 महीने पुरानी सिफारिश पर अब फैसला हुआ है और पंकज चौधरी को सेवामुक्त किया गया है। चौधरी की सेवा समाप्त किए जाने को लेकर वे इस आदेश को न्यायालय में चुनौती देंगे। बता दें कि पंकज चौधरी एक जुझारू किस्म के लड़ने वाले अफसर हैं और इसी वजह से उन्हें पुलिस डिपार्टमेंट में एक दबंग अधिकारी के रूप में जाना जाता है।

आपको बता दे कि पंकज चौधरी को गत कांग्रेस शाासन में बाड़मेर एसपी लगाया गया था। इस दौरान कांग्रेस सरकार में मौजुदा मंत्री साले मोहम्मद के पिता गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट खोलने के बाद सरकार ने उनको हटा दिया था। उसके बाद बीजेपी में फिर से चौधरी को बूंदी एसपी लगाया गया। यहां नैंनवा में साप्रदायिक दंगों में लापरवाही बरतने के कथित आरोप के बाद फिर से हटा कर नॉन फिल्ड कर दिया गया।

इन दो घटनाओं के बाद से चौधरी ने पूर्व सीएम समेत कई आईएएस व आईपीएस अफसरों के खिलाफ खुलकर विरोध में आ गए। इस पर पुलिस मुख्यालय ने नोटिस भी दिया जिसे वे कोर्ट में ले गए। इस बीच उनके इंक्रिमेंट भी रोक दिए गए। इसको भी चौधरी ने कोर्ट में चुनौती दे दी।

विधानसभा चुनाव में चौधरी की पत्नी मुकुल चौधरी ने वसुंधरा राजे के सामने चुनाव लड़ने का एलान किया। उसके बाद मानवेन्द्र सिंह की समझाइस पर पीछे हट गई और कांग्रेस के लिए कैंपेंन शुरू कर दिया। उसके बाद हाल ही में आईपीएस तबादला सूची में चौधरी को झालावाड़ पीटीएस में तबादला किया तो फिर से उन्होने मौजुदा सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया और तबादले को कोर्ट में चुनौति दे डाली।

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