Jaipur city/ट्रेन  के आगे कूदा  सिपाही

  खिरणी फाटक पर मंगलवर सुबह  झोटवाड़ा में निलंबित सिपाही अजय कुमार ने ट्रेन के आगे कूद कर खुदकुशी कर ली। ये पूरा किस्सा एक एसीबी के ट्रेप प्रकरण से जुड़ा हुआ है। अजय कुमार की तरह ही ठिक एक साल पहले फरवरी 2018 में इस प्रकरण के मुख्य आरोपी सिपाही शिवकुमार ने सिरसी रोड़ के पास ट्रेन से कट कर आत्महत्या कर ली थी।

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 Jaipur city/ जयपुर।  खिरणी फाटक पर मंगलवर सुबह  झोटवाड़ा में निलंबित सिपाही अजय कुमार ने ट्रेन के आगे कूद कर खुदकुशी कर ली। ये पूरा किस्सा एक एसीबी के ट्रेप प्रकरण से जुड़ा हुआ है। अजय कुमार की तरह ही ठिक एक साल पहले फरवरी 2018 में इस प्रकरण के मुख्य आरोपी सिपाही शिवकुमार ने सिरसी रोड़ के पास ट्रेन से कट कर आत्महत्या कर ली थी।
किस्सा रिश्वत में रेडवाइन का है। 2017 शिप्रापथ थाने के तत्कालीन सिपाही शिव कुमार को एसीबी ने एक प्रकरण की जांच बदलवाने की एवज में पचास हजार रुपए की घूस लेते एसीबी ने गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि शिव कुमार के साथ ही डीसीपी साउॅथ कार्यालय में तैनात सिपाही अजय कुमार का भी नाम आया कि अजय कुमार परिवादी से किसी साहब के रेड वाइन की मांग कर रहा है।
एसीबी ने साक्ष्य मिलने के बाद अजय कुमार को भी आरोपी बनाया और पकड़ने की योजना बनाई मगर इससे पूर्व अजय फरार हो गया। करीब एक साल चली लुका-छिपी के बाद शिव कुमार जमानत पर बाहर आया। बाहर आने के कुछ दिन बाद ही उसने 2 अपे्रल 2018 को सिरसी रोड़ के पास ट्रेन  से कट कर खुदकुशी कर ली। इस बीच फरारी काट रहे अजय कुमार ने तीन साल निलंबन के बाद मंगलवार तड़के खिरणी फाटक झोटवाड़ा के पास ट्रेन  के आगे कूद कर खुदकुशी कर ली।
पूरे मामले में एसीबी ट्रेप में पकड़े गए शिव कुमार व अजय कुमार पर ही एसीबी की रडार बनी रही मगर जांच बदलने की एवज में घूस मांगने वाले व रेड वाइन के शौकिन आईपीएस को जांच से बाहर रखा गया है। शिव कुमार के बाद अजय कुमार की खुदकुशी ने पुलिस महकमे में हडकंप मचा दिया है। एसीबी जांच के बाद, शिव कुमार की मौत प्रकरण की जांच पहले ही भटक चुकी है अब अजय कुमार की खुदकुशी प्रकरण की जांच किस करवट लेगी ये देखने की बात है।
मौत से पहले लिखा परिवार मुझे माफ करे!
अजय कुमार ने मौत को गले लगाने से पहले एक कागज पर लिखे एक चार लाइन के सुसायड नोट लिखा। उसमें लिखा कि मेरी मौत का जिम्मेदार में स्वंय हूं इसको लेकर मेरे परिवार, समाज व अधिकारी-कर्मचारियों का कोई दोष नहीं है। एसीबी ट्रेप के बाद से अजय कुमार फरारी काट रहा था। शिव कुमार की मौत के बाद से वह ज्यादा परेशान था। अजय की मौत को लेकर पुलिस महकमे में कई तरह के चर्चे हो रहे है।

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