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जयपुर की नूपुर जानू ने आयरन मैन काल्मर में भारत की सबसे कम उम्र की और सबसे तेज़ महिला बनकर रचा इतिहास

Jaipur's Nupur Janu created history by becoming India's youngest and fastest woman in Ironman Calmar

Jaipur's Nupur Janu created history by becoming India's youngest and fastest woman in Ironman Calmar

जयपुर। जयपुर की 27 वर्षीय नूपुर जानू ने हाल ही में दुनिया की सबसे कठिन एक दिवसीय एंड्यूरेंस स्पोर्ट्स आयरन मैन काल्मर को सफलतापूर्वक पूरा किया है। यूरोप के स्वीडन में आयोजित इस चुनौती को 14 घंटे 39 मिनट में पूरा करके नूपुर ने इतिहास रच दिया है। इस अद्वितीय उपलब्धि के साथ, नूपुर भारत की सबसे कम उम्र की और सबसे तेज़ महिला प्रतिभागी बन गई हैं, जिन्होंने इस अत्यंत कठिन एक दिवसीय सहनशक्ति स्पर्धा को पूरा किया है।

आयरन मैन काल्मर चुनौती में नूपुर ने 3.8 किमी की तैराकी, 180.2 किमी की साइकिलिंग, और 42.2 किमी की पूर्ण मैराथन दौड़ को लगातार पूरा किया। उनका आधिकारिक समय 14 घंटे 39 मिनट रहा, जिसमें तैराकी के लिए 1 घंटे 32 मिनट, साइकिलिंग के लिए 7 घंटे 24 मिनट, और दौड़ के लिए 5 घंटे 08 मिनट का समय शामिल रहा।

एंड्यूरेंस स्पोर्ट्स में पिछले अनुभवो से मिली प्रेरणा

नूपुर की इस सफलता का श्रेय उनके धैर्य और साहस को जाता है, जो उन्होंने वर्षों के अनुभव और उपलब्धियों से विकसित किया है। वे एक वायु सेना अधिकारी की बेटी हैं और उनके माता-पिता ने उन्हें बचपन से ही रनिंग इवेंट्स में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। नूपुर ने देशभर में कई पूर्ण मैराथन पूरी की हैं और अपनी मां अनीता जानू के साथ अफ्रीका में प्रतिष्ठित कॉमरेड्स मैराथन भी सफलतापूर्वक पूरी की है।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने अपने पिता के साथ जैसलमेर में 100 किमी की अल्ट्रा रेस और पिछले वर्ष गोवा में हाफ आयरनमैन ट्रायथलॉन भी सफलतापूर्वक समाप्त की है। इस साल, नूपुर ने स्वीडन के काल्मर में फुल आयरन मैन 140.6 में भाग लेने का लक्ष्य रखा और इसके लिए उन्होंने 4.5 महीने तक कठोर प्रशिक्षण भी लिया।

गौरतलब है की नूपुर जयपुर रनर्स क्लब की सक्रिय सदस्य भी हैं और अपनी मां अनीता जानू के साथ एयू जयपुर मैराथन में भाग लेकर उन्होंने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस आयोजन में भी उन्होंने शीर्ष स्थान प्राप्त किया और एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाने में योगदान दिया। नूपुर जानू की यह सफलता न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन का मील का पत्थर है, बल्कि यह राजस्थान और पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।

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