जयपुर। राजधानी जयपुर में करीब पांच महीने पहले एक निजी अस्पताल में वकील के साथ हुए विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज वकीलों ने सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट के बाहर जाम लगा दिया। दिन में शुरू हुआ धरना देर रात तक जारी रहा और वकील तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
जानकारी के अनुसार घटना सितंबर 2025 की है। मानसरोवर स्थित एक निजी अस्पताल में अधिवक्ता जितेंद्र शर्मा की मां के इलाज के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया गया था। इस संबंध में अस्पताल संचालक डॉ. सोनदेव बंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।
वकीलों का आरोप है कि इतने समय बाद भी पुलिस ने न तो आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार किया और न ही जांच को गति दी। इससे पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा है। वकीलों का कहना है कि यदि आम व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगते तो पुलिस तत्काल कार्रवाई करती, लेकिन प्रभावशाली लोगों से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी की जा रही है।
सोमवार को वकीलों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हाईकोर्ट के बाहर धरना शुरू किया, जो देर रात तक जारी रहा। प्रदर्शन के दौरान सड़क पर जाम की स्थिति बन गई, जिससे आमजन को भी असुविधा का सामना करना पड़ा।
पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर वकीलों से समझाइश की और तीन दिन के भीतर ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन वकील आरोपी डॉक्टर की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
वकीलों ने स्पष्ट किया कि जब तक डॉ. बंसल की गिरफ्तारी नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। मामले को लेकर कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है।

