साहसिक पर्यटन के अपने सपने को पूरा कर रही हैं अधिक से अधिक महिलाएंः कॉक्स एंड किंग्स

मुंबई। अपनी सीमाओं को और आगे बढाते हुए भारतीय महिलाएं डाइविंग से लेकर ट्रेकिंग जैसे एडवेंचर टूरिज्म में आगे आ रही हैं। एडवेंचर टूर में महिलाओं की भागीदारी का जायजा लेने के लिए दुनिया की सबसे पुरानी और अग्रणी ट्रैवल कंपनी कॉक्स एंड किंग्स ने भारत से लगभग 2000 महिला टूरिस्ट की बुकिंग और पूछताछ के रुझान का अध्ययन किया।

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Cox and Kings
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मुंबई। अपनी सीमाओं को और आगे बढाते हुए भारतीय महिलाएं डाइविंग से लेकर ट्रेकिंग जैसे एडवेंचर टूरिज्म में आगे आ रही हैं। एडवेंचर टूर में महिलाओं की भागीदारी का जायजा लेने के लिए दुनिया की सबसे पुरानी और अग्रणी ट्रैवल कंपनी कॉक्स एंड किंग्स ने भारत से लगभग 2000 महिला टूरिस्ट की बुकिंग और पूछताछ के रुझान का अध्ययन किया। कॉक्स एंड किंग्स ने नरम, मध्यम और चरम गतिविधियों में साहसिक पर्यटन करने वाली महिला यात्रियों में साल-दर-साल लगभग 32 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। यह तेजी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन दोनों का संचयी प्रतिबिंब है।

एडवेंचर टूरिज्म के लिए निकलने वाली महिलाओं में बड़े पैमाने पर मिलेनियल्स या जनरेशन वाई की महिलाएं शामिल हैं। उनमें से लगभग 70 फीसदी मेट्रो शहरों से हैं जबकि बाकी टियर -2 से। इस आयु वर्ग की अधिकांश महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं। पेशे के लिहाज से इनमें वकील, डॉक्टर, कॉर्पोरेट मैनेजर, डिजाइनर, लेखक और विभिन्न संगठनों की प्रमुख शामिल हैं। फोटोग्राफी, वास्तुकला और डिजाइन जैसे रचनात्मक क्षेत्रों की कई महिलाएं भी एडवेंचर टूर कर रही हैं।

2017 की तुलना में महिला एकल यात्रियों में 9 फीसदी की वृद्धि बहुत अच्छी मानी जा सकती है। सोशल मीडिया के प्रभाव और पोस्ट का मिश्रण महिलाओं में अकेले यात्रा करने में वृद्धि को बढ़ावा दे रहा है। हालांकि, सुरक्षा एक महत्वपूर्ण पहलू है, इसके लिए महिलाएं बाहर निकलने से पहले खूब शोध करते हुए अपने गंतव्य और सफर के तौर-तरीके का चुनाव करती हैं।

भारतीय महिला साहसिक यात्रियों में डाइविंग और ट्रेकिंग दो सबसे अधिक पसंद की जाने वाली साहसिक गतिविधियां बनकर उभरी हैं। जहां, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख और नेपाल महिलाओं की ट्रेकिंग बकेट-लिस्ट में सबसे ऊपर है वहीं अंडमान द्वीप समूह, मालदीव, थाईलैंड, मलेशिया, लाल सागर – मिस्र, बाली, गिली आइलैंड, ग्रेट बैरियर रीफ और मॉरीशस में डाइविंग के लिए पसंदीदा है। इसके अलावा, पैदल चलना, साइकिल चलाना, बाइक चलाना, राफ्टिंग और नौकायन ऐसी अन्य गतिविधियां हैं जो भारतीय महिला यात्री करती हैं।

स्टडी पर टिप्पणी करते हुए कॉक्स एंड किंग्स के रिलेशनशिप्स-हेड करन आनंद ने कहा, ‘महिलाएं अपने दोस्तों और अन्य महिलाओं के समूहों के साथ यात्रा कर रही हैं, वहीं माओं का बेटियों के साथ यात्रा करने का भी चलन है। परिवार को बांधे रखने में एडवेंचर एक सुखद एक्टिविटी बन गया है। आज महिलाएं अत्यधिक साहसिक यात्राओं के लिए तैयार हैं और इस बहाने खुद को मुक्त पाती है, यह कुदरत, जोश और खोज को एकमेक करता है। यह महिलाओं को कई तरह से सशक्त बनाता है और किसी भी बाधा का सामना करना में उनकी मदद करता है।’

महिलाओं के बीच उभरे इस चलन के लिए सोशल मीडिया को भी श्रेय दिया जा सकता है क्योंकि वहां महिलाओं के नजरिए से लिखे जा रहा यात्राओं का कंटेंट काफी हद तक महिलाओं को यात्रा निर्णय लेने में मदद करता है। किलिमंजारो अभियान, स्टोक कांगड़ी अभियान और मनाली व आइसलैंड आइस-क्लाइम्बिंग जैसे चरम रोमांच में भी महिलाओं की भागीदारी में थोड़ी-बहुत वृद्धि हुई है।

भारतीय महिलाओं में मल्टी-एडवेंचर लिए सबसे अधिक मांग वाले स्थान हैं, भारत में हम्पी, पांडिचेरी, लद्दाख, स्पीति, ऋषिकेश, गोकर्ण, मेघालय, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड जबकि नेपाल, भूटान, केन्या, तंजानिया, थाईलैंड, मालदीव, आइसलैंड, ऑस्ट्रेलिया, वियतनाम, श्रीलंका, बाली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पसंदीदा हैं।

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