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फोर्टिस हॉस्पिटल, जयपुर द्वारा कैंसर के प्रति जागरूकता हेतु पैनल डिस्कशन कार्यक्रम का आयोजन

Panel discussion program organized for cancer awareness by Fortis Hospital, Jaipur

Panel discussion program organized for cancer awareness by Fortis Hospital, Jaipur

जयपुर। स्तन कैंसर एक व्यापक और संभावित जीवन-घातक बीमारी है जो दुनिया भर में लाखों महिलाओं को प्रभावित करती है। ग्लोबोकैन 2020 के अनुसार- स्तन कैंसर वैश्विक स्तर पर और साथ ही भारत में महिलाओं में सबसे आम कैंसर है, जो भारतीय महिलाओं में होने वाले सभी कैंसर का 26.3 प्रतिशत है।

फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर द्वारा कैंसर के प्रति जागरूकता हेतु पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया जिसमे फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल जयपुर के विशेषज्ञ – डॉ. दिवेश गोयल, वरिष्ठ विशेषज्ञ, ऑन्कोलॉजी और डॉ. मनीष कौशिक, वरिष्ठ विशेषज्ञ, ऑन्को सर्जरी ने कैंसर की पहचान, रोकथाम, एवं देखभाल के बारे में चर्चा की। कार्यक्रम को वर्तिका जैन, टीवी आर्टिस्ट एवं फाउंडर ऑफ़ द वर्तिका शो ने मॉडरेट किया। जागरूकता कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संस्थाओ के 300 से अधिक पदाधिकारियों ने मिलकर सफल बनाया और समाज में कैंसर के बढ़ते मामलो की रोकथाम के प्रति समाज में जागरूकता का सन्देश दिया।

डॉ. दिवेश गोयल, वरिष्ठ विशेषज्ञ, ऑन्कोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर ने कहा, “स्तन कैंसर के लिए शुरुआती पहचान जीवित रहने की दर और उपचार के परिणामों में सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। स्तन के ऊतकों में किसी भी असामान्य गांठ या परिवर्तन की पहचान करने के लिए नियमित स्तन स्व-परीक्षा एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं और स्तन कैंसर के पारिवारिक इतिहास वाली महिलाओं के लिए मैमोग्राम भी आवश्यक है।

डॉ. मनीष कौशिक, वरिष्ठ विशेषज्ञ, ओन्को सर्जरी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर ने कहा, “प्रारंभिक पहचान, सटीक पहचान के साथ, सफल उपचार और दीर्घकालिक अच्छे परिणाम के लिए सबसे अच्छा मौका प्रदान करता है। कैंसर की रोकथाम के लिए, शरीर के वजन को स्वस्थ बनाए रखना, दैनिक शारीरिक व्यायाम, जीवनशैली में बदलाव जैसे स्वस्थ आहार बनाए रखना और शराब और तंबाकू के सेवन से बचना चाहिए।

उच्च जोखिम रखने वाली महिलाएं , जोखिम कम करने वाली मास्टेक्टॉमी ( स्तन को निकालना एवं स्तन पुनर्निर्माण ) और जोखिम कम करने वाली सैल्पिंगो-ओफोरेक्टॉमी जैसी रोगनिरोधी सर्जरी पर विचार कर सकते हैं। उपचार के विकल्प कैंसर के चरण और आनुवंशिक विशेषताओं पर निर्भर करते हैं। इन विकल्पों में सर्जरी, कीमोथेरेपी, विकिरण थेरेपी, लक्षित थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी शामिल हैं।

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