प्रभु श्री राम निकले नगर भ्रमण के लिए

श्रीरामकृष्ण जयंती महोत्सव समिति ट्रस्ट की ओर से भगवान श्रीराम की शोभायात्रा शनिवार सांय 4 बजे सूरजपोल अनाज मण्डी से रवाना होकर सूरजपोल गेट, सूरजपोल बाजार, रामगंज चौपड़, रामगंज बाजार, बड़ी चौपड़, जौहरी

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श्रीरामकृष्ण जयंती महोत्सव समिति ट्रस्ट की ओर से भगवान श्रीराम की शोभायात्रा शनिवार सांय 4 बजे सूरजपोल अनाज मण्डी से रवाना होकर सूरजपोल गेट, सूरजपोल बाजार, रामगंज चौपड़, रामगंज बाजार, बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार, सांगानेरी गेट, बापू बाजार, न्यूगेट, चौडा रास्ता, त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़, चांदपोल बाजार होती हुई चांदपोल बाजार स्थित श्री रामचन्द जी के मंदिर में लगभग रात्रि 11 बजे पहुंची।

शोभायात्रा में अनेक जीवंत, स्वरूप और स्वचालित झांकिया

पालने में सोए रामलला को मां कौशल्या झूला रही थी तो इस खुशी में राजा दशरथ गैंद सहित अनेक वस्तुओं की उछाल कर रहे थे। गाजे-बाजे और लवाजमे के साथ निकली शोभायात्रा को देखने जयपुरवासी ही नहीं जयपुर घूमने आए देशी-विदेशी पर्यटक भी देखने के लिए कतार में खड़े रहे। श्री रामकृष्ण जयंती महोत्सव समिति ट्रस्ट के बैनर तले सूरजपोल से रवाना होकर शोभायात्रा चारदीवारी के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए चांदपोल स्थित रामचन्द्रजी मंदिर पहुंची।

शोभायात्रा में अनेक जीवंत, स्वरूप और स्वचालित झांकियां शामिल थीं। शोभायात्रा में संकीर्तन मंडल के कलाकार गुणगान करते हुए चल रहे थे। राजस्थानी लोक कला, पारंपरिक ढूंढाड़ी भाषा में लोकगीत के गायन की झांकियां और लोक नृत्य भी देखने को मिला। जयपुर के सभी प्रमुख मंदिरों, सामाजिक संगठन एवं समितियों की सजीव एवं स्वचालित झांकियां भी शोभायात्रा में नजर आई। संतों मंहतों समेत अनेक गणमान्य अतिथियों के साथ आरती कर शोभायात्रा को रवाना किया।

जगह-जगह पुष्प वर्षा कर किया स्वागत:

शोभायात्रा मार्ग सूरजपोल बाजार, रामगंज चौपड़, रामगंज बाजार, बड़ी चौपड़ ,जौहरी बाजार, सांगानेरी गेट, बापू बाजार, चौड़ा रास्ता, त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़, चांदपोल बाजार में अनेक स्थानों पर जनप्रतिनिधियों, संतों-महंतों, व्यापारियों ने आरती उतारी।

रामगंज चौपड़ पर हुई महाआरती

रामनवमी के अवसर पर शनिवार को शाम 4:30 बजे रामगंज चौपड़ पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया व महाआरती की गई। इधर श्री खोले के हनुमान मंदिर में शनिवार सुबह 6 बजे श्रीरामजी का 108 औषधियुक्त जल से अभिषेक, षोडशोपचार पूजन किया गया। राजभोग और दोपहर 12 बजे महाआरती की गई। श्री नरवर आश्रम सेवा समिति के अध्यक्ष गिरधारी लाल शर्मा ने बताया कि अखंड वाल्मिकी रामायण और नवाह्न पारायण का रविवार की संध्या में श्रीरामजी के राजतिलक के साथ समापन होगा।

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