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सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती परीक्षा पेपर लीक के मुख्य आरोपी सुरेश ढाका और भूपेंद्र सारण की संपत्ति सीज

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जयपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी सुरेश ढाका और भूपेंद्र सारण की प्रॉपर्टी को सीज कर दी है। ईडी ने सुरेश ढाका के वैशाली नगर स्थित फ्लैट, बगरू स्थित फैक्ट्री, हीरापुरा पावर हाउस स्थित मकान को सीज किया है। साथ ही संपत्ति पर भारत सरकार का बोर्ड लगा दिया है। दिल्ली कोर्ट से परमिशन के बाद ईडी ने कार्रवाई को अंजाम दिया है।

ईडी से मिली जानकारी के अनुसार सुरेश ढाका की लंबे समय से तलाश है। ईडी सुरेश को पकड़ने के लिए कई बार प्रयास कर चुकी है। लेकिन उस तक नहीं पहुंच सकी। इस दौरान जांच में साबित हो गया था कि सुरेश ढाका ने जो संपत्ति बनाई, वह पेपर लीक कर के बनाई थी। इस पर ईडी ने कार्रवाई की। इसके साथ ईडी ने भूपेंद्र सारण की प्रॉपर्टी भी सीज की है। इसमें बगरू में स्थित इलची सारण और इंदुबाला सारण के नाम से संपत्ति सीज की गई है।

सुरेश ढाका और भूपेंद्र सारण की संपत्तियों को सीज करने के साथ-साथ उनके सहयोगियों की संपत्ति को भी सीज करने की कार्रवाई की गई है। जेडीए ने एक साल पहले भूपेन्द्र सारण और उसके भाई गोपाल सारण की अजमेर रोड स्थित प्रॉपर्टी पर बुलडोजर चलाया था। एक साल पहले सुरेश ढाका और भूपेंद्र सारण से जुड़े अधिगम कोचिंग सेंटर पर बुलडोजर चलाया गया था।

सुरेश ढाका अभी भी एजेंसियों की पकड़ से दूर है। सुरेश ढाका सांचैर से 20 किलोमीटर दूर स्थित अचलपुर गांव का रहने वाला है। पहले जेल भी जा चुका है। पहली बार मनी लॉन्ड्रिंग और दूसरी बार पेपर लीक में जेल गया था। जयपुर में गुर्जर की थड़ी पर उमंग क्लासेज के नाम से कोचिंग चलाता था। जिसे जेडीए ने एक्शन लेते हुए गिरा दिया था। अभी वह फरार है। गौरतलब है कि राजस्थान में 24 नवंबर 2022 को सीनियर टीचर भर्ती के जीके का पेपर होना था। एग्जाम शुरू होने से पहले ही परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। उदयपुर में 40 स्टूडेंट्स बस में पेपर सॉल्व करते पकड़े गए थे। इसे लेकर अजमेर, उदयपुर, अलवर समेत राज्यभर में छात्रों ने हंगामा और प्रदर्शन किया था।

इसके बाद आनन-फानन में सुबह नौ बजे एग्जाम शुरू होने से ठीक पहले पेपर कैंसिल कर दिया गया था। वहीं, सुरेश ढाका और भूपेंद्र सारण पेपर लीक कांड के मास्टरमाइंड निकलकर आए थे। भूपेंद्र सारण साल 2011 में जीएनएम भर्ती पेपर आउट प्रकरण और वर्ष 2022 में पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले में भी शामिल था। वह जेल भी जा चुका है। एटीएस एसओजी ने सीनियर टीचर भर्ती पेपर लीक मामले में भूपेंद्र सारण को बेंगलुरु एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था।

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