Site icon www.khabredinraat.com

रामलीला- रामलीला में श्री राम विवाह और कन्यादान प्रसंग का मंचन संपन्न

The dialogue between Parashuram and Laxman in Ramlila enthused the audience.

The dialogue between Parashuram and Laxman in Ramlila enthused the audience.

जयपुर। सनातन धर्म महोत्सव समिति की ओर से न्यू गेट स्थित राम लीला मैदान पर हो रही राम लीला में श्रीराम विवाह और कन्यादान प्रसंग का मंचन किया गया। जैसे ही बारात ने राजा जनक के महल में प्रवेश किया तो बरषि सुमन सुर सुंदरि गावहिं मुदित देव दुंदुभीं बजावहिं चौपाई गूंज उठी। चारों राजकुमारों और बारातियों को देखकर जनकपुर वासी पुलकिल हो उठे। अगवानन्ह जब दीखि बराता।

उर आनंदु पुलक भर गाता…, देखि बनाव सहित अगवाना। मुदित बरातिन्ह हने निसाना चौपाइयों के माध्यम से बारात के स्वागत का चित्रण किया गया। मंत्रोच्चार के साथ राम का सीता, लक्ष्मण का उर्मिला, भरत का मांडवी और शत्रुघ्न का श्रुतकीर्ति से पाणिग्रहण संस्कार संपन्न हुआ। ऐसा लग रहा था कि मानो जनकपुरी में चारों राजकुमारों का चारों राजकुमारियों के साथ वास्तव में विवाह हो रहा हो। विवाह के बाद स्वर्ग से देवताओं ने पुष्प वर्षा कर आशीर्वाद दिया।

इससे पूर्व चांदपोल स्थित रामचंद्रजी के मंदिर से श्री सनातन धर्म महोत्सव समिति के संरक्षक अलबेली माधुरी शरण महाराज, मार्गदर्शक भगवती प्रसाद चौधरी, प्रवीण बड़े भैया, सांसद मंजू शर्मा, हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य, जयपुर नगर निगम हैरिटेज महापौर कुसुम यादव, जयपुर नगर निगम ग्रेटर महापौर सौम्या गुर्जर, उप महापौर पुनीत कर्णावट एवं अन्य ने चारों राजकुमारों की आरती उतार कर बारात को रवाना किया। एक ही बग्गी में विराजमान चारों राजकुमारों के दर्शन करने मिथिलापुरी बनी छोटीकाशी के श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर अभिनंदन किया।

श्री सनातन धर्म महोत्सव समिति के अध्यक्ष नवनीत मित्तल, उपाध्यक्ष मोहन लाल अग्रवाल, चंद्र प्रकाश राणा, अजय यादव, महामंत्री हरीश शर्मा, मीडिया समन्वयक गुंजन वशिष्ठ, मंत्री अमर सिंह गुर्जर, ताराचंद सैनी, संदीप तिवाड़ी, मेघराज झांकल, प्रचार मंत्री राधा कृष्ण परवाल, विधि मंत्री लक्ष्य पारीक, कोषाध्यक्ष पूनम बंसल, कार्यालय प्रभरी रामकिशन सोनी बाराती के रूप में बैंडबाजे की धुन पर नाचते चल रहे थे। छोटी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार, बापू बाजार, न्यू गेट तक के सभी चौराहे सहित पचास से अधिक स्थानों पर बारात का स्वागत किया गया। राम लीला मैदान तोरण मारने की रस्म हुई।

आज से करुण प्रसंग:

मीडिया समन्वयक गुंजन वशिष्ठ ने बताया कि शुक्रवार को दथरथ-कैकेयी संवाद, मंथरा-कैकेयी संवाद और सुमंत विदाई का कारूणिक प्रसंग का लीला मंचन होगा।

Exit mobile version