July 15, 2024, 11:36 pm
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निवेश के लिए रियल एस्टेट लगातार प्रमुख ऐसेट क्लास: हाऊसिंगडॉटकॉम

मुंबई। पिछले वर्षों के दौरान हाउसिंग की बढ़ती कीमतों और होम लोन की दरों में बढ़ोतरी के बीच संभावित घर खरीददारों (होमबायर्स) को टैक्स प्रोत्साहन और लचीली भुगतान योजनाओं की तलाश है। उनका झुकाव डेवलपरों द्वारा प्रस्तावित अतिरिक्त लाभों के प्रति भी है। यह जानकारी रियल एस्टेट उद्योग के संगठन नारेडको (NAREDCO) के सहयोग से अग्रणी प्रॉपटेक कंपनी हाऊसिंगडॉटकॉम द्वारा संचालित सर्वेक्षण से सामने आई है।

गृहप्रवेश के लिए तैयार आवासीय संपत्तियों के लिए माँग निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स की अपेक्षा ज्यादा है। हाऊसिंगडॉटकॉम और नारेडको ने अपनी ताजा सर्वे रिपोर्ट, “रेजिडेंशियल रियल्टी कंज्‍यूमर सेंटीमेंट आउटलुक एच2 2023 – ट्रेंड्स इंग इनसाइट्स” जारी की है। जनवरी से लेकर जून 2023 तक संचालित यह एक ऑनलाइन सर्वे था जिसमें एक हज़ार से अधिक संभावित घर खरीददारों से बातचीत की गई।

सर्वेक्षण के अनुसार 48% लोग स्टॉक्स फिक्स्ड डिपॉजिट्स और गोल्ड जैसी दूसरी परिसंपत्ति श्रेणियों की अपेक्षा कहीं बहुत ज्यादा रियल एस्टेट में निवेश करने के पक्ष में हैं। आँकड़ों से पता चलता है कि 18% लोग स्टॉक मार्केट को वरीयता देते हैं, 19% की पसंद फिक्स्ड डिपॉजिट है और 15% लोग गोल्ड में निवेश करना चाहते हैं।

हाऊसिंग डॉटकॉम, प्रॉपटाइगर डॉटकॉम और मकान डॉटकॉम के ग्रुप सीईओ, श्री ध्रुव अगरवाला ने कहा “पूरे इतिहास में रियल एस्टेट निवेश का बुनियादी आधार रहा है। कोविड-19 की वैश्विक महामारी ने इसकी प्रासंगिकता बढ़ा दी है और अनेक लोगों के लिए यह प्रमुख पसंद बन गया है। घर का स्वामित्व, हाइब्रिड वर्क मॉडल्स का विकास, और सुरक्षा एवं संरक्षा के महत्व पर जोर जैसे घटकों ने रियल एस्टेट सेक्टर को नई ऊँचाइयों पर पहुँचा दिया है।”

नारेडको के प्रेसिडेंट, श्री राजन बन्देलकर ने कहा कि “हाल में संपन्न जी20 शिखर सम्मलेन का समग्र अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पडे़गा और यह नीति, निवेश, एवं सस्टेनेबिलिटी पर विचारों के माध्यम से भारत के रियल एस्टेट को एक नया स्वरूप प्रदान कर सकता है। आज महामारी की चरम अवस्था के दौरान देखी गई मंदी के विपरीत उपभोक्ताओं का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। हालाँकि, आमदनी की संभावना थोड़ी कम हुई है, फिर भी रियल एस्टेट 48% उत्तरदाताओं की पसंदीदा ऐसेट क्लास बनी हुई है।

बन्देलकर ने आगे कहा कि, “बढ़ते प्रॉपर्टी मूल्य और ब्याज दरों के कारण निकट भविष्य में घर खरीदने के लिए स्टाम्प ड्यूटी और जीएसटी में छूट जैसे प्रोत्साहन प्रमुख प्रेरक होंगे। इन प्रोत्साहनों का लक्ष्य होमओनरशिप को ज्यादा आकर्षक और सुलभ बनाना है। सर्वे में प्रॉपर्टी के चुनाव के बाद व्यक्तिपरक सहयोग का मूल्य उजागर हुआ है, जो सौदा पक्का करने और घर खरीदने का सामान्य अनुभव बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।”

अगरवाला ने बताया कि, “हाल के वर्षों में हाउसिंग कीमतों में करीब एक दशक की स्थिरता के विपरीत स्पष्ट तेजी देखी गई है। इस साल होम लोन की ब्याज दरों में 2.5% वृद्धि के बावजूद रियल एस्टेट मार्केट ने वापसी की है। इस मजबूती के पीछे रुकी पड़ी और उभरती, दोनों प्रकार की माँग का कारण हो सकता है।”

हाऊसिंग डॉटकॉम, प्रॉपटाइगर डॉटकॉम और मकान डॉटकॉम की हेड ऑफ़ रिसर्च, सुश्री अंकिता सूद ने कहा कि, “मजबूत घरेलू माँग से प्रेरित, भारत की अर्थव्यवस्था में बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों के बीच सबसे ऊँची दर पर वृद्धि होने की आशा है। उपभोक्ता माँग में उछाल प्रॉपर्टी मार्केट में भी दिख रही है, जहाँ कमजोर बाहरी संकेतों के बावजूद 2023 की पहली छमाही में प्राथमिक बाज़ार में बिक्री में वार्षिक 15% वृद्धि दर्ज हुई है।

हमारा रियल्टी कंज्‍यूमर सर्वे उपभोक्ता के मनोभाव को मापने का एक प्रमुख संकेतक है और बाज़ार के आत्‍मविश्‍वास को दर्ज करते हुए यह किफायती और भावी उपार्जन, दोनों में होम बायर्स के कॉन्फिडेंस पर रोशनी डालता है, जिससे प्रॉपर्टी के रूप में ऊँचे मूल्य के लिए महत्वपूर्ण घटक का पता चलता है। इसके अलावा, रियल एस्टेट में निवेश को प्राथमिकता देने की चाहत निवेश के दूसरे सभी माध्यमों से लगातार आगे बनी हुई है। यह बाजार की मजबूत बुनियाद को दर्शाता है।”

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