जयपुर। राजधानी में बिना वैध लाइसेंस और पंजीकरण के वाहन किराए पर देने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव पचार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के संज्ञान में आया है कि कई व्यक्ति और फर्में बिना वैध लाइसेंस के वाहन किराए पर उपलब्ध करा रही हैं। ऐसे वाहनों का उपयोग आपराधिक तत्वों द्वारा अवैध गतिविधियों में किए जाने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा निजी वाहनों को व्यावसायिक रूप से किराए पर देना भी नियमों के विरुद्ध पाया गया है।
जारी आदेश के अनुसार अब केवल वही व्यक्ति या फर्म वाहन किराए पर दे सकेंगे। जिनके पास रेंट ए कैब स्कीम 1989 के तहत वैध लाइसेंस होगा। निजी वाहनों को किराए पर देना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
पुलिस ने संचालकों के लिए कुछ अनिवार्य प्रावधान भी तय किए हैं। वाहन किराए पर लेने वाले व्यक्ति का नाम, पता, मोबाइल नंबर और फोटो पहचान पत्र की मूल प्रति से सत्यापन करना जरूरी होगा। साथ ही वाहन में यात्रा करने वाले अन्य यात्रियों का विवरण भी दर्ज करना अनिवार्य रहेगा।
संचालकों को एक रजिस्टर संधारित करना होगा। जिसमें यात्रा का उद्देश्य, अवधि और गंतव्य का पूरा विवरण अंकित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त फर्म के पास कम से कम एक टेलीफोन नंबर चौबीसों घंटे चालू स्थिति में होना चाहिए। यदि किसी ग्राहक की गतिविधि संदिग्ध प्रतीत होती है तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या कंट्रोल रूम को देनी होगी।
यह आदेश 13 फरवरी 2026 से 13 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में सुरक्षा और लोक-शांति बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक है और सभी संचालकों से नियमों की सख्ती से पालना करने की अपील की गई है।

