जयपुर। राजधानी के सचिवालय और विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न राजनीतिक पार्टियों,छात्र संगठनों और कर्मचारी संघों द्वारा लगातार धरना-प्रदर्शन किए जा रहे हैं । इन प्रदर्शनों में होने वाली उत्तेजक नारेबाजी और भीड़ से लोक शांति भंग होने तथा जान-माल की सुरक्षा को खतरा होने की आशंका है।
इसी के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) ललित किशोर शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने के आदेश जारी किए हैं । यह आदेश 12 फरवरी 2026 की सुबह से 12 अप्रैल 2026 की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा ।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) ललित किशोर शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार स्टेच्यू सर्किल से राजस्थान विधानसभा तक का जनपथ,विधानसभा भवन के चारों तरफ का क्षेत्र और राजस्थान सचिवालय परिसर का पूरा इलाका इस दायरे में आएगा। इसके अलावा सिविल लाइंस क्षेत्र में रेलवे क्रॉसिंग से राजभवन सर्किल, राम मंदिर सर्किल से हवा सड़क और अजमेर रोड टी-पॉइंट तक की सड़कों व फुटपाथों पर भी पाबंदी लागू रहेगी।
इन क्षेत्रों में 5 या 5 से अधिक व्यक्ति एक समूह के रूप में एकत्रित नहीं हो सकेंगे । वहीं किसी भी प्रकार के धरने, प्रदर्शन, जुलूस, रैली, आमसभा या मार्ग अवरुद्ध करने वाली गतिविधियों पर पूर्ण रोक रहेगी।
इसके अलावा कोई भी व्यक्ति शस्त्र,लाठी, डंडा या घातक हथियार लेकर नहीं चल सकेगा। साथ ही नारेबाजी और लाउडस्पीकर के प्रयोग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है । यदि कोई शिष्टमंडल राज्यपाल को ज्ञापन देना चाहता है तो अनुमति मिलने के बाद अधिकतम 4 व्यक्ति ही वहां जा सकेंगे। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध बीएनएस की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने बताया कि नवीनतम सूचनाओं के अनुसार सचिवालय और विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न राजनीतिक पार्टियों,छात्र संगठनों और कर्मचारी संघों द्वारा लगातार धरना-प्रदर्शन किए जा रहे हैं । इन प्रदर्शनों में होने वाली उत्तेजक नारेबाजी और भीड़ से लोक शांति भंग होने तथा जान-माल की सुरक्षा को खतरा होने की आशंका है।

