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नवरचना युनिवर्सिटी के बी.आर्क.(SEDA) के विद्यार्थियों ने सीओए (COA) से प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार जीता

वडोदरा। नवरचना युनिवर्सिटी के बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (बी.आर्क), स्कूल ऑफ एनवायर्नमेंटल डिजाइन एंड आर्किटेक्चर(SEDA) के विद्यार्थियों ने”एक्सीलेंस इन डोक्यूमेन्टेशन ऑफ आर्किटेक्चरल हेरिटेज 2023″ के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार (प्रथम पुरस्कार) जीता है। प्रोफेसर मनाली भद्रा द्वारा मार्गदर्शित ” ‘उरु’ वुडन बोट मेकिंग क्राफ्ट ऑफ केरल” में इन समुद्री जहाजों में समाविष्ट गहन इतिहास और उत्कृष्ट शिल्प कारीगरी एवं कौशल हाइलाइट किया गया है।

केरल के कोझिकोड के बेपोर शहर में उरु लकड़ी की नावों का पारंपरिक शिल्प कई शताब्दियों स प्रचलित है। यह शिल्प भारतीय कारीगरों की विरासत और सरलता का उदाहरण है, जिसे संरक्षित करने के प्रति वंशजों के बीच घटती रुचि के कारण इसके लुप्त होने का खतरा है। इसीलिए, न केवल अतीत की याद दिलाने के लिए बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में भी इस शिल्प का दस्तावेजीकरण करने की आवश्यकता महसूस की गई है।

उनकी एन्ट्री(प्रविष्टी) ने भारतभर के आर्किटेक्चर कॉलेजों से 100 से अधिक ऐसी एन्ट्रियों के साथ प्रतिस्पर्धा की। प्रतिष्ठित जूरी में कल्चरल हेरिटेज स्पेशियालिस्ट और कन्जर्वेशन आर्किटेक्चर दिव्य गुप्ता, अहमदाबाद वर्ल्ड हेरिटेज सिटी ट्रस्ट के डिरेक्टर और सीईओ आशीष वी. ट्रंबडिया तथा कन्जर्वेशन आर्किटेक्ट और लेखक प्रोफेसर किरण जोशी शामिल थे।

जूरी ने विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए नाव के विस्तृत मॉडल की अत्यधिक सराहना की, जिसने जहाज की जटिल संरचना का प्रदर्शन किया। इसके मॉडल और चित्र केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा 9-15 दिसंबर तक आयोजित “इंडिया आर्ट, आर्किटेक्चर एंड डिज़ाइन बिएननेल, 2023 (IAADB)” में प्रदर्शित किए गए थे, जिसका उद्घाटन प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था।

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