जयपुर। राजधानी जयपुर में पुलिस कर्मियों का मनोबल बढ़ाने और उत्कृष्ट कार्य को प्रोत्साहित करने के लिए मंगलवार को विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जहां पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने कमिश्नरेट में आयोजित कार्यक्रम में छह पुलिसकर्मियों को जनवरी 2026 माह के लिए कांस्टेबल ऑफ दी मंथ अवार्ड से नवाजा । इस दौरान कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि पुलिस का ध्येय वाक्य आमजन में विश्वास-अपराधियों में भय को साकार करने के लिए विभाग पूरी तरह समर्पित है।
पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि कांस्टेबल रामवतार (बजाज नगर थाना) ने बिहार जाकर नौकर द्वारा मालिक के घर से की गई लाखों की चोरी का पर्दाफाश किया। इनके प्रयास से 49.50 लाख रुपये की बरामदगी संभव हो सकी। वहीं कांस्टेबल मोतीलाल (सेज थाना) ने अज्ञात शव की शिनाख्त कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हत्या के आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया।
इसके अलावा कांस्टेबल गिर्राज प्रसाद (आमेर थाना) ने वांछित अपराधियों के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए 28 स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। कांस्टेबल जीत सिंह (सांगानेर सदर) ने डिजीपेस्ट 2026 के दौरान सुदृढ़ सुरक्षा प्रबंधन के साथ-साथ वर्षों से लंबित पड़े वारंटों का निस्तारण करवाया।
साथ ही कांस्टेबल राजपाल (यातायात प्रशासन) ने इंटरसेप्टर पर तैनात रहकर तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाई और एमवी एक्ट के तहत रिकॉर्ड 5060 चालान किए और कांस्टेबल चेतन प्रकाश (अन्वेषण शाखा) ने चिटफंड धोखाधड़ी के मामलों का रिकॉर्ड संधारण करने और पेंडिंग केसों के त्वरित निस्तारण में अहम भूमिका निभाई। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि इस प्रकार के पुरस्कारों से न केवल सम्मानित होने वाले कर्मियों का उत्साह बढ़ता है, बल्कि अन्य पुलिसकर्मी भी मेहनत और लगन से कार्य करने के लिए प्रेरित होते हैं । समारोह में विभाग के अन्य उच्च अधिकारी भी मौजूद रहे।

