बोलो प्रेम की वाणी:आचार्य घनश्याम दास

जयपुर। दुगार्पुरा सिंधी कॉलोनी के प्राचीन हनुमान मंदिर में चल रहे श्रीमद भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन भक्तों ने श्रीकृश्ण बाल लीला ,कंस वध व रास पंचाध्यायी कथा सुनीं।

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Acharya Ghanshyam Das
Acharya Ghanshyam Das

जयपुर। दुगार्पुरा सिंधी कॉलोनी के प्राचीन हनुमान मंदिर में चल रहे श्रीमद भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन भक्तों ने श्रीकृश्ण बाल लीला ,कंस वध व रास पंचाध्यायी कथा सुनीं। इस मौके पर श्रीगोवर्धन महाराज थाके सिर मुकट विराज रह्यो…बोलो बांके बिहारी की जय….जैसे भजनों के बीच श्रीगोवर्धन पूजा हुई व 56 भोग की झांकी सजाई गई।

इस मौके पर कथा व्यास पीठ से वैष्णव भूषण आचार्य घनश्याम दास महाराज ने कहा कि संसार में सभी को हित मित व प्रिय वचन बोलना चाहिए। हम सभी को ऐसी वाणी बोलना चाहिए किसी की दिल नहीं दुखे। प्रेम की वाणी ऐसी होनी चाहिए जिसे गूंगे,बहरे सब समझ सके।

भगवान श्रीकृश्ण ग्वालों से इतना प्रेम करते कि वे उनका झूठा भी खा लेते थे। उन्होंने इससे पूर्व पतना प्रसंग पर बोलते हुए महाराज ने कहा कि बाल रूप में भगवान श्रीकृष्ण ने राक्षसनी पूतना को मारकर उद्धार किया। इसीलिए सभी को प्रेमपूर्वक बोलना चाहिए। कथा प्रसंग के दौरान महाराज ने भजन सुनाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

प्रवक्ता कैलाश खंडेलवाल ने बताया कि शुक्रवार को महारास लीला,कंस वध,गोपी उद्धव संवाद व रूकमणि विवाह व 16 को श्रीकृष्ण सुदामा मिलन,शुकदेव की विदाई व परीक्षित मोक्ष व व्यास पूजन के साथ कथा की पूणार्हुति होगी।

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