जयपुर। राजस्थान विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने इसे देश के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण बजट बताया और आंकड़ों के साथ भाजपा सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस दौरान वे कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार को लेकर विपक्ष पर लगातार हमले करते रहे। उनके लगभग 15 मिनट के संबोधन के दौरान सत्ता पक्ष जहां मेजें थपथपाता रहा। वहीं विपक्ष शोर-शराबे पर उतर आया।
विधायक शर्मा ने भाषण की शुरुआत महाराजा सूरजमल की 320वीं जयंती पर उन्हें नमन करते हुए की और मुगलों को धूल चटाने वाले महान योद्धा के इतिहास को याद किया। उन्होंने कहा कि यह गौरव की बात है कि भारत के 78 साल के इतिहास में पहली किसी राज्य का बजट उसकी जीडीपी का 32 प्रतिशत है, जबकि विकसित राष्ट्रों का बजट भी 30 से 40 प्रतिशत के बीच ही रहता है। राज्य की 18.75 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था और 10.24 प्रतिशत विकास दर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान में प्रति व्यक्ति आय 2 लाख रुपए से अधिक हो गई है, जो पिछले दो वर्षों में 21 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि को दर्शाता है।
सदन का माहौल तब और भी गरमा गया। जब विधायक शर्मा ने कांग्रेस शासन के इतिहास को कुरेदते हुए उसे लेन-देन वाली सरकार का तमगा दिया। उन्होंने कहा कि यह बात रिकॉर्ड में मौजूद है कि कांग्रेस के शासन में ‘ढाई लाख लाओ और सीमेंट फैक्ट्री ले जाओ का खेल चलता था। उन्होंने सदन में एक चिट्ठी भी पेश की और बताया कि मैगसेसे पुरस्कार विजेता राजेंद्र सिंह ने उन्हें (गोपाल शर्मा) पत्र लिखकर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री कमलनाथ द्वारा अरावली में किए जा रहे अवैध खनन की रिपोर्टिंग करने को कहा था।
शर्मा ने यह भी कहा कि जोधपुर के लोग जानते हैं कि कैसे एक ‘काले हिरण के शिकारी’ को सरकारी गाड़ी में बिठाकर घुमाया जाता था और कांग्रेस उसके लिए केस लड़ती थी। विपक्ष द्वारा भारी हंगामे और शोर-शराबे के बीच विधायक शर्मा ने अपनी बात खत्म करते हुए बजट को विकसित राजस्थान का ट्रेलर बताया और कहा कि जब पूरी पिक्चर सामने आएगी तब विपक्ष में और खलबली मचेगी।

