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अवध से आज मिथिला में प्यार लूटाने आये है

जयपुर। राम जानकी विवाह महोत्सव के तहत भगवान राम ने किया जनकपुर के  बाजार का नगर भ्रमण एवं दर्शनमन्दिर के महन्त श्री नन्द किशोर जी ने राम लक्ष्मण को  नई बहुत सुंदर पोशाक धारण कराई है  और मन्दिर में सभी व्यापारियों की दुकान सजाई

गुरु विश्वामित्र से राम जी ने लक्ष्मण जी को नगर में घुमाने कि आज्ञा लेकर नगर दर्शन के लिए आश्रम  से निकले, जनकपुर के नर नारी ने जब दोनों राजकुमारों को देखा तो देखते ही रह गये, बाजार में सभी व्यापारियों ने अपनी दुकान पर दोनों राजकुमारों को आने के लिए निवेदन किया जनक नारी अपने घुंघट कि ओट में राजकुमार को देख रही 

जनकपुर कि नारियां अपने घर के छत पर  एवं झरोखों से दोनों राजकुमारों को देखरही है और एक दूसरे से कह रही है कि ये दोनो राजकुमार कहा से आये है एवं बहुत सुंदर है ये सावले  राजकुमार हमारी सीता के उपयुक्त वर है  राजा जनक जी को अपना प्रण को छोड़ कर इनसे विवाह कर देना चाहिए रामजी और लक्ष्मण को देख कर मिथला के नर नारी अपने भाग्य को सहलाते हैं कि हम को इनके दर्शन हुए 

मिथला के नर नारी अपने अपने देवी देवताओं को मनाने लगे कि हमारी किशोरी जी के यही वर होवे और बाजार के व्यापारी आज सबने कुबेर कि तरह अपनी दुकान का सामना दोनों राजकुमारों को दिखा रहे हैं चाट वाले अपनी चाट खिला रहे हैं मिठाई वाले मिठाई खिलाते है कपड़े के व्यापारी कपड़ा दिखाते हैं सोना चांदी वाले अपने आभूषण दिखाते हैं जादूगर अपना जादू दिखा रहे हैं 

समाज के मंत्री श्री रामबाबू झालाणी ने बताया कि  मन्दिर श्री सीताराम जी मे सबसे पहले 4 दिसम्बर को गणेश जी को निमंत्रण दिया  और  उसी दिन से शहनाई वादक को मन्दिर में बैठाये आज दोनो राजकुमार को नगर भ्रमण कराया समाज के राम गोपाल जी बूसर एवं रामशरण जी हल्दिया अवधेश जी पोदार एवभक्तों द्वारा पदौ को गाकर सुनाया 

मिथला पुर आये दो  सलौने राजकुमार

मिथला कि गलियों में घुमे अवध किशोर 

अवध से आज मिथिला में प्यार लूटाने आये है देखो दो राजकुमार आये है

 नगर दर्शन का उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया 

रोज सायं काल 6 बजे से मन्दिर सीताराम जी छोटी चौपड़ पर गोरी पूजन एवं  पुष्प वाटिका में राम सीता का मिलन एवं सीता जी द्वारा माता पार्वती कि पूजन करना और उनसे राम जी को वर के रुप में मांगना धनुष यज्ञ होना रामजी कि बरात उसके बाद कवर कलेवा उत्सव मन्दिर में मनायेंगे फिर राम जी को भक्तों द्वारा घर घर बुलाकर 46 दिन तक मीजमानी उत्सव मनाया जावेगा

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