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फर्जी दस्तावेजों पर सिम देने वाले वोडाफोन स्टोर के दो कर्मचारी गिरफ्तार

Two employees of Vodafone store arrested for giving SIM on fake documents

Two employees of Vodafone store arrested for giving SIM on fake documents

जयपुर। साइबर अपराधियों पर लगातार शिकंजा कस रही राजस्थान पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मोबाइल सिम कार्ड बेचकर साइबर अपराधों को बढ़ावा दे रहा था। इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए घनश्याम मीणा से मिली जानकारी के आधार पर जयपुर के मालपुरा गेट स्थित एक वोडाफोन स्टोर के दो कस्टमर रिलेशनशिप एग्जीक्यूटिव (सीआरई) कर्मचारियों को गिरफ्तार गया है। यह कार्रवाई साइबर क्राइम राजस्थान पुलिस ने की है, जिसने इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश कर दिया है।

एसपी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि 22 जुलाई को साइबर क्राइम पुलिस को एक गोपनीय सूचना मिली थी कि मालपुरा गेट थाना क्षेत्र में एक युवक फर्जी कागजात के जरिए मोबाइल सिम खरीदने आया है। सूचना मिलते ही साइबर क्राइम, राजस्थान, जयपुर के थानाधिकारी अपनी टीम के साथ मालपुरा गेट स्थित भारती हेक्साकॉम लिमिटेड (एयरटेल) स्टोर पर पहुंचे।

स्टोर इंचार्ज दीपेंद्र शर्मा ने कंपनी के लेटरहेड पर दीपक बलवदा, नोडल ऑफिसर एयरटेल जयपुर की लिखित शिकायत दी। जिसके आधार पर तुरंत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घनश्याम मीणा नामक युवक को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 7 मोबाइल सिम कार्ड, 2 खाली सिम कवर, 2 आधार कार्ड और एक वीवो कंपनी का मोबाइल फोन बरामद हुआ।

कम्पनी कर्मचारियों की काली करतूत

एसपी शांतनु कुमार के सुपरविजन में जब घनश्याम मीणा से गहन पूछताछ की गई तो उसने ने बताया कि उसके पास से बरामद हुई तीन वोडाफोन सिम उसने मालपुरा गेट स्थित वोडाफोन स्टोर के कर्मचारियों से ली थीं। जांच में सामने आया कि स्टोर के कर्मचारी छाजूराम ने अपने सहकर्मी अभिषेक कुमार की मदद से यह गोरखधंधा चलाया हुआ था।

जब स्टोर पर दूसरे ग्राहक सिम खरीदने आते थे तो अभिषेक उनके नाम से अतिरिक्त सिम निकाल लेता था और फिर छाजू राम के कहने पर ये अवैध सिम घनश्याम मीणा जैसे लोगों को बेची जाती थीं। आमने-सामने की पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपना अपराध कबूल कर लिया है।

अनुसंधान के बाद वोडाफोन स्टोर के कर्मचारी छाजूराम निवासी झुंझुनूं और अभिषेक कुमार निवासी देवली साउथ को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमे इस मामले में आगे की जांच जारी है और उम्मीद है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्य भी जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

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