मुंबई: डॉ कौशल छत्रपति की नई किताब ‘हार्ट स्ट्रांग’ का अनावरण मुंबई में किया गया। बढ़ती हृदय रोग की चुनौतियों के बीच यह किताब आम लोगों के लिए दिल की सेहत समझने की एक आसान मार्गदर्शिका बनकर आई है। डॉ. छत्रपति कहते हैं, “फिट दिखना और स्वस्थ होना अलग बात है। सिक्स-पैक एब्स दिल की सुरक्षा की गारंटी नहीं देते। ‘हार्टस्ट्रॉन्ग’ दिल की एक ओनर मैनुअल है, जो शायद हमें कभी मिली ही नहीं।”
21 वर्षों के अनुभव से जुड़े सवाल—हार्ट अटैक, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर, धूम्रपान, नींद, तनाव और सीपीआर—को सरल भाषा में समझाया गया है। किताब का उद्देश्य भ्रम दूर करना और समय रहते सही निर्णय लेने की समझ देना है।
एक 39 वर्षीय मरीज के हार्ट अटैक ने डॉ. छत्रपति को झकझोर दिया। वे बताते हैं, “लोग समझते हैं कि जो दिखने में हेल्दी है, उसे खतरा नहीं। लेकिन गलत जीवनशैली और अनदेखे जोखिम जानलेवा हो सकते हैं।”
यह किताब मेडिकल जटिलताओं को सरल उदाहरणों में बदलती है। डब्लूएचओ के अनुसार हर साल करोड़ों लोग हृदय रोग से जान गंवाते हैं। ऐसे में ‘हार्टस्ट्रॉन्ग’ जागरूकता की मजबूत पहल है।
(अनिल बेदाग)

