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उत्तर प्रदेश से राजस्थान तक फैला ‘अंकल गैंग’ का जाल, हथियार तस्करी का कुख्यात यूपी का बदमाश गुलाम हुसैन गिरफ्तार

UP's notorious weapon smuggler Ghulam Hussain arrested

UP's notorious weapon smuggler Ghulam Hussain arrested

जयपुर। राजस्थान पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ अपनी जंग में एक बड़ी सफलता हासिल की है। प्रतापगढ़ पुलिस और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने मिलकर एक हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन को अंजाम देते हुए फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश के कुख्यात हथियार तस्कर गुलाम हुसैन को धर दबोचा है। यह गिरफ्तारी राजस्थान में सक्रिय ‘प्रवीण उर्फ अंकल’ गैंग के हथियार सप्लाई नेटवर्क पर एक बड़ी चोट मानी जा रही है

एसपी प्रतापगढ़ विनीत कुमार बंसल ने बताया कि इस बड़े खुलासे की शुरुआत 28 जून 2025 को हुई जब छोटीसादड़ी थानाधिकारी प्रवीण टांक की टीम ने एक ऑटोमेटिक देशी पिस्टल और दो खाली मैगजीन के साथ बदमाश राकेश राठौर पुत्र कचरू लाल राठौर को गिरफ्तार किया। राकेश से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर नागदा निवासी सलमान पुत्र शेरखान को पकड़ा गया, जिसके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद हुए।

जांच की परतें खुलती गईं और पता चला कि इन हथियारों की सप्लाई का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि गुलाम हुसैन ही था। 40 वर्षीय गुलाम हुसैन फिरोजाबाद में थाना दक्षिण कोतवाली क्षेत्र के नक्काशी मोहल्ला टोला का निवासी है और प्रवीण उर्फ अंकल के गिरोह का एक अहम सदस्य है।

गुलाम हुसैन और इसके तीन साथियों को उत्तर प्रदेश के रसूलपुर थाना इलाके में 19 मार्च, 2025 को पुलिस मुठभेड़ के बाद तीन पिस्टल सहित गिरफ्तार किया था, मुठभेड़ में इसके बाएं पैर में गोली भी लगी थी। फिलहाल आरोपी जमानत पर बाहर था। एसपी बंसल के अनुसार गुलाम हुसैन ही प्रतिबंधित हथियार और 9 एमएम के कारतूस प्रवीण उर्फ अंकल को मुहैया कराता था, जो राकेश के माध्यम से सलमान तक पहुंचते थे।

यह सफल ऑपरेशन महानिदेशक पुलिस राजस्थान के निर्देशानुसार जिला पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ विनीत कुमार बंसल के कुशल निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ परबतसिंह के मार्गदर्शन में संभव हुआ।

इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीमों में छोटी सादड़ी थाना टीम से थानाधिकारी प्रवीण टांक, उपनिरीक्षक निर्भय सिंह, सहायक उपनिरीक्षक अर्जुन सिंह, शिवराम, हेड कांस्टेबल मगन लाल व सुरेश चंद और थानाधिकारी धोलापानी रविन्द्र पाटीदार शामिल थे। वहीं, एजीटीएफ जयपुर टीम से पुलिस निरीक्षक सुभाष सिंह, हेड कांस्टेबल कमल सिंह, सुरेश कुमार, कांस्टेबल नरेश और कांस्टेबल चालक सुरेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

गुलाम हुसैन की गिरफ्तारी से ‘अंकल गैंग’ के अन्य सदस्यों और उनके हथियार सप्लाई नेटवर्क के बारे में कई और अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। पुलिस अब इस मामले में अन्य अभियुक्तों की तलाश में जुटी है और गहन अनुसंधान जारी है।

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