जयपुर। मुरलीपुरा क्षेत्र के विजयनगर अंतर्गत देवधारा बस्ती का विराट हिंदू सम्मेलन रविवार को दोपहर 2:30 बजे से रामेश्वरधाम कॉलोनी स्थित महेश पब्लिक स्कूल परिसर में आयोजित किया जाएगा। हिन्दू समाज की एकता, समरसता एवं जागरूकता के उद्देश्य से आययोजित विराट हिन्दू सम्मेलन की तैयारियां को शनिवार को अंतिम रूप दिया गया।
सम्मेलन की पूर्व संध्या पर शनिवार को वाहन रैली निकाली गई। शंकर विहार कॉलोनी स्थित नव दुर्गा पार्क से रवाना हुई वाहन रैली में सैंकड़ों श्रद्धालु भगवा ध्वज लगे दुपहिया वाहन पर जय श्री राम…, हिंदू जगेगा विश्व जगेगा…. भारत माता की जय…हिंद हिंदू भाई भाई….के जयघोष लगाते हुए दस कॉलोनियों से होकर गुजरे।
मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर वाहन रैली का स्वागत किया गया। शंकर विहार, बाइपास, दादी का फाटक, विकासनगर ए,बी,सी, डी, विस्तार, रामेश्वरधाम कॉलोनी होते हुए वाहन रैली देवधारा कॉलोनी स्थित आयोजन स्थल महेश पब्लिक स्कूल पहुंचकर संपन्न हुई। शनिवार शाम को सभी संयोजकों सहित प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक हुई जिसमें तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
सकल हिन्दू समाज के तत्वावधान में होने वाले इस कार्यक्रम में रविवार को हिंदू समाज की दशा और दिशा पर चिंतन किया जाएगा। मुख्य वक्ता पर्यावरण गतिविधि राजस्थान के प्रमुख अशोक कुमार शर्मा होंगे। संतों-महंतों, शहीदोंं के परिजनों के सान्निध्य में होने वाले कार्यक्रम में हनुमान चालीसा पाठ, भजन संध्या, शिव-पार्वती का विवाह, उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर भस्म आरती, शिव तांडव नृत्य, फागोत्सव के आयोजन भी होंगे। फूलों की होली और फागोत्सव के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। समाजसेवा में कार्यरत लोगों का सम्मान किया जाएगा। सभी श्रद्धालु अपने घर से आरती का दीपक लाएंगे और महाआरती करेंगे।
मुरलीपुरा स्कीम सर्किल पर दोपहर 1:30 से शाम 5 बजे तक विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसमें कलश यात्रा, शौर्य प्रदर्शन, हनुमान चालीसा पाठ, पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता, कारसेवकों का सम्मान सहित अनेक आयोजन होंगे।
महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर शनिवार को टोंक फाटक के आदर्श बाजार में विराट हिन्दू सम्मेलन आयोजित किया गया। राजकीय विद्यालय रूपारामपुरा के पास में आयोजित सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। करतापुरा स्थित श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत गोपालशरण महाराज के सान्न्निध्य में आयोजित सम्मेलन के मुख्य वक्ता विश्व हिन्दू परिषद् के प्रान्त मंत्री राधेश्याम गौतम थे। उन्होंने पंच परिवर्तनों को जीवन का अंग बनाने का संकल्प कराया।

