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विजया एकादशी: कुंभ संक्रांति में श्रीहरि विष्णु का पूजन कर किया दान-पुण्य

Vijaya Ekadashi: Worship Lord Vishnu and perform charity on Kumbh Sankranti

Vijaya Ekadashi: Worship Lord Vishnu and perform charity on Kumbh Sankranti

जयपुर। फाल्गुन कृष्ण पक्ष की विजया एकादशी पर कुंभ संक्रांति का विशिष्ट संयोग रहा। इस विशेष अवसर पर श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा-अर्चना की तथा दान-पुण्य किया।

ज्योतिषाचार्य बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि विजया एकादशी को भगवान सूर्य ने मकर राशि से कुंभ राशि में प्रवेश किया, इसे कुंभ संक्रांति के रूप में मनाया गया। सूर्य का यह राशि परिवर्तन आगामी 30 दिनों तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य के प्रत्येक राशि परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है, जिसका विशेष धार्मिक महत्व माना गया है।

एकादशी पर कुमार योग और राजयोग का निर्माण हुआ। साथ ही मूल एवं पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का संयोग भी रहा। श्रद्धालुओं ने लक्ष्मी-नारायण की विधि-विधान से पूजा कर ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप किया।

किया श्याम प्रभु का गुणगान

फाल्गुन कृष्ण एकादशी पर श्याम प्रभु के सभी मंदिरों में आस्था की अखंड ज्योत प्रज्जवलित कर भक्ति भावना की आहुतियां प्रदान की गई। हारे के सहारे को भजनों से रिझाया गया। रामगंज बाजार के कांवटियों का रास्ता स्थित प्राचीन श्रीश्याम मंदिर में महंत पं.लोकेश मिश्रा के सान्निध्य में श्याम प्रभु का अलौकिक श्रृंगार कर महिला मंडल की सदस्याओं ने भजनों से रिझाया।

इसी कड़ी में म्हारे घरां पधारो श्याम संस्था, मानसरोवर के तत्वावधान में संस्था के सक्रिय सदस्य रहे बबलू शर्मा की स्मृति में श्री श्याम अरदास एवं श्रद्धांजलि कीर्तन का आयोजन किया। अग्रवाल फार्म सेक्टर-113 स्थित श्रीश्याम पार्क में भक्तिभाव से भजन संध्या की गई।

संस्था के अध्यक्ष रतन कट्टा ने बताया कि एकादशी सत्संग स्थल श्याम पार्क में बड़ी संख्या में श्याम प्रेमियों ने भजनों के माध्यम से बबलू शर्मा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान भक्ति रस से ओत-प्रोत वातावरण में श्रद्धालुओं ने उनके जीवन, सेवा भाव एवं धार्मिक आस्था को स्मरण किया। गोपाल सैन एवं उनके सहयोगियों ने कर्णप्रिय भजनों की प्रस्तुतियां दीं। श्रृंगार सेवा शंकर सैन ने की।

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