July 16, 2024, 6:34 am
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विश्व जागृति मिशन-जयपुर मंडल: श्रद्धा पर्व में बुजुर्ग-वरिष्ठजनों के चरण छुए, आरती उतारकर किया सम्मान

जयपुर। विश्व जागृति मिशन (विजामि) के जयपुर मंडल की ओर से रविवार को आदर्श नगर स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धा पर्व के तहत बुजुर्ग एवं वरिष्ठजनों का सम्मान किया। विजामि प्रमुख और जाने-माने अध्यात्मवेत्ता आचार्य सुधांशु महाराज की प्रेरणा से गत 27 वर्षों से हर साल अक्टूबर के पहले सप्ताह में देशभर में स्थित मिशन के मंडलों के तहत श्रद्धा पर्व का यह अनूठा आयोजन होता है।

कार्यक्रम में बुजुर्गों और वरिष्ठजनों के सम्मान के दौरान आचार्य सुधांशु महाराज द्वारा माता-पिता और वृद्धजनों के आदर-सम्मान के लिए दिए गए संदेश में बताया गया कि जो अपने जीवन में मां-बाप और बुजुर्गों की सेवा करते हैं, उनके बारे में बात करते हैं और उनकी आज्ञा का पालन करते हैं, उनको जीवन में पूजा-पाठ की जरूरत नहीं है।

कार्यक्रम में पं. विष्णु शर्मा और आचार्य मोहनलाल शास्त्री के सानिध्य में प्रधान मदन लाल अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नारायण दास गंगवानी, मंत्री द्वारका प्रसाद मुटरेजा, महामंत्री दिनेश और कोषाध्यक्ष गोपाल बजाज सहित जयपुर मंडल के गुरु भाई-बहनों ने बुजुर्गों और वरिष्ठ जनों के चरण छूकर उनकी आरती उतारी और सभी को माला पहनाकर, उपहार देते हुए सम्मानित किया।

इस अवसर पर विजामि के संस्थापक और देश के प्रमुख आध्यात्मिक संत आचार्य श्री सुधांशुजी महाराज के संदेश का प्रसारण किया गया। इसमें सुधांशुजी महाराज ने कहा कि बचपन में कोमल चित्त पर पड़ी छाप और मानसिक कंडीशनिंग जीवन पर बहुत प्रभाव डालती है। परिस्थितियों के कारण कई बार व्यक्ति वो हो जाता है, जो वह होना नहीं चाहता, वो बन जाता है, जो कभी बनना नहीं चाहता। लेकिन सबसे बड़ी अच्छी बात है कि आप किसी भी उम्र में जिंदगी के किसी भी मोड़ पर अपने आपको, अपने रंग-ढ़ंग को बदलकर जीवन में बदलाव ला सकते हैं।

इसके लिए सत्संग और विचारों की शक्ति सबसे बड़ी खुराक है। इनसे लोक-परलोक सुधर जाता है, व्यक्ति के प्राणों में बल भर जाता है। भगवान कृष्ण ने अर्जुन को विचारों की शक्ति से ही गीता का ज्ञान देते हुए महाभारत के युद्ध में शस्त्र उठाकर अपना कर्त्तव्य निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मस्तिष्क का भोजन विचार है, जीवन में बदलाव लाने और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने के लिए हमें विचारों की चिंगारी की जरूरत होती है। अगर सद्विचारों की शक्ति जगाने वाला गुरु मिल जाए तो जीवन की दशा और दिशा बदल जाती है।

श्रद्धा पर्व में हुआ इनका सम्मान

कार्यक्रम में श्रद्धापर्व के तहत मोहनदास बालानी, सुषमा मल्होत्रा, प्रेमवदा बत्रा, जगदीश राजावत, पीडी परेवा, डॉ. मधु शर्मा, आरके यादव, बीएल गुप्ता, पीपी गुप्ता, महेन्द्रपाल सिहाग, संतोष सिहाग, केएल खन्ना, सीताराम शर्मा, भारती शर्मा, ठाकुरदास सुखनानी, निरंजन खत्री, भगवानी देवी, कृष्णदास, रामगोपाल सैनी, मदान भागवानी और हेम भार्गव सहित अन्य वरिष्ठ जनों और बुजुर्गों का सम्मान किया गया।

इस अवसर पर सेवा कार्यों में सतत सहयोग के लिए मंडल से जुड़े सेवादारों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में हवन, भजन, गुरु प्रवचन और आरती के बाद भंडारा प्रसादी का भी आयोजन किया गया।

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