व्यक्ति राशिअनुसार गीता के इन संदेशों का करे पालन तो नहीं होगी जीवन में उसे कोई परेशानी

धर्म डेस्क। भगवत गीता व्यक्ति को जीवन जीने का संकेत देती है, जीवन की राह कितनी ही कठिन क्यों न हो अगर व्यक्ति भगवत गीता के उपदेशों को ध्यान में रखता है तो उसका जीवन सरलता से व्यतीत होता जाता है।

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bhagwat geeta
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धर्म डेस्क। भगवत गीता व्यक्ति को जीवन जीने का संकेत देती है, जीवन की राह कितनी ही कठिन क्यों न हो अगर व्यक्ति भगवत गीता के उपदेशों को ध्यान में रखता है तो उसका जीवन सरलता से व्यतीत होता जाता है। भगवद्गीता के बारह पाठ हैं जो व्यक्ति को मोक्ष का मार्ग दिखाते हैं, जो व्यक्ति भगवद्गीता को अपने जीवन में उतारते हैं वे क्रोध, अपेक्षा, वासना और लालच से मुक्त हो जाते हैं और जीवन में शांति और आनंद की प्राप्ति करते हैं। भगवत गीता सभी राशियों के लिए अलग—अलग संदेश छिपा हुआ है, आइए जानते हैं अलग—अलग राशियों को क्या संदेश देती है भगवत गीता

मेष राशि

मेष राशि के जातकों को भगवत गीता जीवन में विनम्र और शांत रहना सिखाती है, ताकि व्यक्ति खुद को आवेगी होने से रोक सके और संकट आने से पहले ही खुद को संभाल लें, जिससे बाद में उसे किए गए कार्य से पछतावा न हो।

वृष राशि

वृष राशि के जातक थोड़े जिद्दी स्वभाव के होते हैं और इन्हें जीवन में होने वाले बदलावों से तालमेल बिठाने में मुश्किल होती है। इस राशि के जातकों को गीता संदेश देती है कि परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है, ऐसे में व्यक्ति अपने आस—पास के परिवर्तनों से अप्रभावित नहीं रह सकता है, ऐसे में इस राशि के जातक परिवर्तन से घबराएं नहीं उनका सामना करें।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को भगवद गीता शांत और एकाग्र होकर कार्य करने का संकेत देती है। इस राशि के जातक सोच—समझकर किसी भी काम को करें।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों से भगवत गीता कहती है कि आप किसी बात को लेकर निराश न हों अगर आप किसी काम को लेकर परेशान हों तो अपने आप को भगवान के चरणों में समर्पित कर दें और उस सर्वशक्तिमान से प्रार्थना करें कि वो आपके जीवन से अंधेरों को दूर करे।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों से भगवत गीता कहती है कि सफलता असफलता के बारे में न सोचकर कार्य को पूरे मन से पूर्ण करें। हार या जीत का फैंसला उपर वाले पर छोड़ दें।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों को भगवत गीता संकेत देती है कि आप अहंकार से दूर रहें, क्योंकि जब तक आप अहंकार का त्याग नहीं करेंगे तब तब आपको आनंद और संतुष्टि की प्राप्ति नहीं होगी।

तुला राशि

तुला राशि के जातक थोड़ा आलसी स्वभाव के होते हैं,इन्हें गीता कर्तव्यों का निष्ठा से पालन करने का संदेश देती है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातक भूत और भविष्य में खोए रहते हैं, इसी कारण ये वर्तमान की परिस्थितियों को सही तरीके से नियंत्रित नहीं कर पाते हैं, इस राशि के जातकों को गीता भूत और भविष्य को भूलकर वर्तमान में क्या हो रहा है उस पर केंद्रित होने का संदेश देती है।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों से गीता कहती है कि आप बुरी संगति से दूर रहें अगर आप बुरे काम करेंगें तो आप खुद अपने विनाश के कारण बनेंगे, अपनी इच्छाओं को नियंत्रण में रखें।

मकर राशि

मकरा राशि के जातक इच्छा के विरूध परिणाम मिलने पर निराश हो जाते हैं ऐसे में इस राशि के जातकों को गीता संदेश देती है कि आप अपने कर्तव्यों का पालन करें आपको इसका क्या फल मिलेगी इसकी चिंता आप ईश्वर पर छोड़ दें।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों को गीता संदेश देती है कि आपके द्वारा किया गया हर कार्य ईश्वर का कार्य है, और गलत सोच जीवन में समस्याएं ला सकती है। इसलिए, क्षणिक संतुष्टि के लिए बुराई में शामिल हुए बिना सही रास्ते पर चलना और लोगों के कर्तव्य का पालन करना बेहतर है।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए गीता का कहना है कि सही ज्ञान सभी समस्याओं का अंतिम समाधान है, भागने से क्षणिक शांति मिल सकती है इसलिए, समस्या का सामना करने और समस्या से बचने के लिए भागने के बजाय इसे हल करना बेहतर है।

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