अभाविप की केंद्रीय कार्यसमिति बैठक 18-19 जनवरी को होगी जोधपुर में आयोजित

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जयपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की दो दिवसीय केंद्रीय कार्यसमिति बैठक 18-19 जनवरी 2025 को राजस्थान के ऐतिहासिक नगर जोधपुर में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में संगठनात्मक, शैक्षणिक, सामाजिक, पर्यावरणीय और सांस्कृतिक विषयों पर गहन चर्चा होगी तथा आगामी कार्यक्रमों की दिशा तय की जाएगी। देशभर से आए प्रतिनिधि इस बैठक में भाग लेंगे और विभिन्न अभियानों की समीक्षा के साथ भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे।

अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सोलंकी ने बताया कि आगामी दिनों में होने जा रही बैठक में देशभर से आने वाले प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे अभियानों और गतिविधियों की समीक्षा प्रस्तुत करेंगे। जिससे संगठन के कार्यों में समन्वय स्थापित होगा। इससे सभी इकाइयों को समान दिशा में कार्य करने का मार्गदर्शन मिलेगा।

बैठक में सत्र 2024-25 के कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी और सत्र 2025-26 के लिए नई योजनाओं पर चर्चा होगी। परिसर चलो अभियान”, भारतीय संविधान निर्माण के 75 वर्ष, स्वामी दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती, रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती, और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती जैसे विशेष उपलक्ष्यों पर योजनाएं बनाई जाएंगी।

साथ ही इस बैठक में आगामी दिनों में द्वारका में आयोजित होने वाली ‘विचार बैठक’ के भी अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन किया जाएगा। इन विषयों में छात्र आंदोलन की दिशा और दशा को लेकर चर्चा की जाएगी। साथ ही अभाविप द्वारा भविष्य में युवाओं की राष्ट्र निर्माण में सहभागिता को सुनिश्चित करने के उपायों पर विचार किया जाएगा।

यह बैठक युवा शक्ति को संगठित कर राष्ट्र के विकास में उनके योगदान को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी। इसके अतिरिक्त, कार्यकर्ताओं की क्षमता विकास के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। जिससे संगठन की कार्यप्रणाली को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सोलंकी ने कहा कि तकनीकी प्रगति के इस युग में विद्यार्थियों को तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।संगठन द्वारा तकनीकी जागरूकता और डिजिटलिकरण से जुड़े कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही युवाओं को स्वरोजगार और स्टार्टअप के प्रति जागरूक किया जाएगा ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों का समावेश समय की आवश्यकता है।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए ताकि शिक्षा प्रणाली राष्ट्र की प्रकृति और संस्कृति के अनुरूप विकसित हो सके। इस बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह मुकुंद सी. आर. विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे और अपने विचारों से कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे। उनके मार्गदर्शन से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होगा।

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