प्रदेश के विद्यालयों में बालिकाओं के लिए ‘टीचर मेंटोरशिप प्रोग्राम लागू करने पर चर्चा

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जयपुर। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की बातों पर फोकस करते हुए राज्य के पीएमश्री विद्यालयों में टीचर्स के माध्यम से विशेष मेंटोरशिप प्रदान करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ‘टीचर मेंटोरशिप प्रोग्राम फोर गर्ल्स‘ की रूपरेखा तैयार की जा रही है। केन्द्र सरकार द्वारा सभी राज्यों को इन विद्यालयों को विकसित करने के लिए कहा गया है, यह वर्तमान राज्य सरकार के संकल्प पत्र में भी प्राथमिकता है।

शासन सचिव नवीन जैन की अध्यक्षता में मंगलवार को शिक्षा संकुल में प्रदेश के पीएमश्री विद्यालयों को मिशन मोड में संचालित करने के सम्बंध में आयोजित बैठक में इस कंसेप्ट पर प्रारम्भिक चर्चा की गई। बैठक में इस प्रोग्राम की शुरूआत प्रदेश में प्रथम चरण में चयनित 402 पीएमश्री स्कूलों में से 346 सीनियर सैकेंडरी स्कूलों में करने के बारे में विचार विमर्श किया गया, इसके तहत इन स्कूलों में मेंटोर टीचर्स तैयार किए जाएंगे, जो बालिकाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर सेंसेटिव एप्रोच के साथ कार्य करेंगे।

जैन ने प्रोग्राम पर प्रजेंटेशन के दौरान कहा कि इसके तहत स्कूलों में बालिकाओं से किशोरावस्था, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़ी बातों पर मेंटोर टीचर्स बालिकाओं से नियमित संवाद कर उनकी पढ़ाई और जीवन स्तर में सुधार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस प्रोग्राम से बालिकाओं के ड्राप आऊट में सुधार के साथ ही उनमें ‘हैपीनेस‘ बढ़ाने के लिए कार्य किया जा सकता है। बैठक में ‘टीचर मेंटोरशिप प्रोग्राम फोर गर्ल्स‘ की शुरूआत पीएमश्री विद्यालयों से करते हुए इसे चरणबद्ध रूप से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों एवं विवेकानंद मॉडल स्कूलों के बाद अन्य सरकारी सीनियर सैकेंडरी स्कूलों में लागू करने पर चर्चा की गई।

बैठक में पीएमश्री विद्यालयों से सम्बंधित गतिविधियों की समीक्षा के दौरान शासन सचिव ने इन विद्यालयों को आदर्श स्कूलों के रूप में विकसित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग और समसा के अधिकारियों को साथ मिलकर एक टीम के तौर पर कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के पीएमश्री विद्यालयों में हर बच्चे का रिकार्ड ट्रैक करते हुए लर्निंग आऊटकम को मॉनिटर करने, कॅरिअर काऊंसलिंग, ग्रीन स्कूल तथा फिजिकल फिटनेस एवं योगा जैसी गतिविधियों की नियमितता पर कार्य किया जाना आवश्यक है।

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