धुलण्डी पर सड़क दुर्घटनाओं से बचाव व यातायात के सुगम एवं सुरक्षित संचालन के दिये दिशा निर्देश

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जयपुर। जयपुर यातायात पुलिस की ओर से धुलण्डी पर एडवायजरी जारी करते हुए सड़क दुर्घटनाओं से बचाव व यातायात के सुगम एवं सुरक्षित संचालन के आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। पुलिस उपायुक्त यातायात जयपुर सागर ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी धुलण्डी पर्व मनाया जायेगा। इस उत्सवी माहौल के दौरान पुलिस उपायुक्त यातायात द्वारा आमजन को सड़क दुर्घटनाओं से बचाव व यातायात के सुगम एवं सुरक्षित संचालन के लिए निम्न आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।


पुलिस उपायुक्त यातायात जयपुर सागर ने बताया कि धुलण्डी पर वाहन चालक सभी यातायात नियमों का पालन करें। उत्सवी माहौल के दौरान किसी भी प्रकार का नशा कर वाहन न चलायें। वाहन निर्धारित गति सीमा में चलाये व वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी न बैठायें।


शराब पीकर वाहन चलाने से वाहन चालक स्वयं भी दुर्घटना का शिकार हो सकते है साथ ही सामने वाले को भी दुर्घटनाग्रस्त कर सकते है तथा यातायात में भी व्यवधान पैदा करते हैं। शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरूद्ध कार्यवाही के लिए मुख्य-मुख्य स्थानों पर ब्रेथलाईजर सहित विभिन्न टीमें लगाई जाएगी तथा सभी इन्टर सेप्टर को भी भिन्न-भिन्न स्थानों पर कार्यवाही के लिए तैनात किया जायेगा। जो वाहन चालक चेकिंग के दौरान शराब पीकर वाहन चलाता पाया जाएगा उसका वाहन जब्त कर लिया जायेगा तथा वाहन चालक को अपनी जमानत करानी पडेगी। शराब पीकर वाहन चलाते पाये जाने पर चालक का लाइसेंस निलम्बन के लिए परिवहन विभाग भेजा जाएगा।

शराब पीकर वाहन चालक द्वारा दुर्घटना में मृत्यु कारित करने पर वाहन चालक का लाइसेंस निरस्त के लिए परिवहन विभाग भेजा जायेगा। तेज गति व लापरवाही से वाहन चलाने पर वाहन जब्त कर चालक का लाइसेंस निलम्बन के लिए परिवहन विभाग भेजा जाएगा। दुपहिया वाहन चलाते समय दोनो सवार व्यक्ति हेलमेट लगाकर ही चले। वाहन चलाते समय वाहन चालक व वाहन में बैठे हुए व्यक्ति किसी प्रकार का शोर शराबा नहीं करें।

कारों के पीछे डिक्की खुली रखकर सवारी नहीं बैठायें व वाहनों में किसी प्रकार का टेप व संगीत ऊँची आवाज में नहीं बजाये। वाहन चलाते समय एक दूसरे पर पानी व रंग के भरे गुब्बारे व अन्य कोई वस्तु न फेकें । चालक वाहन चलाते समय अपने वाहन का साइलेंसर निकाल कर वाहन न चलाये । सभी वाहन चालक उपरोक्त व्यवस्था के दौरान स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ दुसरो की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। अतः पर्व के इस अवसर पर ऐसा कार्य न करें जिससे आपको असुविधा हो व आपके व आपके परिवारजनों के सम्मान को ठेस पहुचें।

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