राष्ट्रीय युवा दिवस पर विशेषः 35 साल की उम्र में 47 बार रक्तदान कर बने युवाओं के लिए मिसाल बने मुकेश सैनी

0
386
Mukesh Saini
Mukesh Saini

जयपुर। समर्पण-सेवा और समाज के प्रति अटूट निष्ठा का नाम है मुकेश कुमार सैनी। सीकर जिले के हर्ष गांव के निवासी मुकेश न केवल रक्तदान के क्षेत्र में अग्रणी हैं, बल्कि अपनी सेवा भावना के जरिए हजारों लोगों की जान बचाने का काम कर चुके हैं।

युवाओं के साथ मिलकर युवा मंडल की स्थापना

मुकेश ने युवाओं को समाज सेवा के लिए जागृत करने के लिए युवाओं के साथ मिलकर विवेकानंद नवयुवक मंडल, हर्ष की स्थापना की। स्वामी विवेकानंद से प्रेरित इस युवा मंडल का उद्देश्य न केवल समाज सेवा करना है, बल्कि युवाओं को राष्ट्र निर्माण और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करना भी है। यह मंडल रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम करता है।

मां की प्रेरणा से शुरू हुआ सफर

2010 में जब मुकेश की मां के ऑपरेशन के दौरान ब्लड की कमी का सामना करना पड़ा। तब उन्होंने पहली बार यह महसूस किया कि रक्तदान कितना महत्वपूर्ण है। उसी पल उन्होंने ठाना कि वह किसी भी जरूरतमंद को ब्लड की कमी के कारण तकलीफ नहीं होने देंगे। आज तक वे 47 बार रक्तदान कर चुके हैं और राजस्थान में कहीं भी 24 घंटे ब्लड की जरूरत होने पर तुरंत मदद पहुंचाते हैं।

कोरोना काल में प्लाज्मा दान: जीवन रक्षक सेवा

कोरोना महामारी के दौरान जब हर कोई संकट से जूझ रहा था। मुकेश ने आगे बढ़कर प्लाज्मा दान करवाया। उन्होंने 80 बार से अधिक मरीजों के लिए प्लाज्मा दान की व्यवस्था की और कई जिंदगियां बचाईं। उनके इस सेवा कार्य ने समाज में उन्हें एक मिसाल बना दिया।

सामाजिक जीवन: सिर्फ रक्तदान तक सीमित नहीं

युवा मंडल ने रक्तदान के साथ-साथ वृक्षारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता जैसे अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। युवा मंडल का एक जन्मदिन, एक पेड़ अभियान युवाओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक करता है। अब तक इस अभियान के तहत 2000 से अधिक पेड़ लगाए गए हैं। जिनकी देखरेख के लिए और निगरानी युवा मंडल टीम द्वारा की जाती है।

सोशल मीडिया पर मुहिम से मदद

मुकेश ने सोशल मीडिया को एक प्रभावी माध्यम के रूप में उपयोग करते हुए कई जरूरतमंद परिवारों की आर्थिक सहायता के लिए अभियान चलाए। इन अभियानों के जरिए उन्होंने कई परिवारों को मदद पहुंचाई। उनकी ये पहल दर्शाती हैं कि सही इच्छाशक्ति और तकनीक के उपयोग से समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

युवाओं को जोड़ने का प्रयास

मुकेश का मानना है कि युवा शक्ति को सही दिशा दी जाए तो समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। वे सोशल मीडिया का उपयोग कर रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाते हैं। उनके पोस्ट और अपील से सैकड़ों लोग रक्तदान के लिए प्रेरित हुए हैं।

रक्तदान के क्षेत्र में मिशन

मुकेश कहते हैं, रक्तदान किसी की जान बचाने का सबसे सरल और मानवीय तरीका है। जब भी कोई रक्तदान करता है, वह किसी परिवार को खुशियां देता है।ष् उनका यह मिशन न केवल सीकर जिले तक सीमित है, बल्कि पूरे राजस्थान में उनकी पहचान एक रक्तदाता हीरो के रूप में हो चुकी है।

समर्पण की मिसाल

मुकेश कुमार सैनी का जीवन यह साबित करता है कि सेवा और समर्पण से इंसान न केवल खुद को बल्कि समाज को भी एक नई दिशा दे सकता है। उनकी प्रेरणा से आज कई युवा रक्तदान और सामाजिक सेवा में आगे बढ़ रहे हैं।

आने वाले दिनों की योजना

युवा मंडल ने अपने सेवा कार्यों को और आगे बढ़ाने की योजना बनाई है, जिसका उद्देश्य न केवल रक्तदान को बढ़ावा देना है, बल्कि जल संकट और पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू करना है।

मुकेश कुमार सैनी का जीवन उन सभी के लिए प्रेरणा है जो समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं। उनकी सेवा भावना और निष्ठा ने यह साबित किया है कि छोटे कदम भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here