आदर्श विद्या मंदिर में 13वां राम-जानकी सामूहिक विवाह सम्मेलन संपन्न

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13th Ram-Janaki mass marriage conference concluded at Adarsh Vidya Mandir
13th Ram-Janaki mass marriage conference concluded at Adarsh Vidya Mandir

जयपुर। जानकी नवमी के अबूझ सावे पर सेवा भारती समिति, जयपुर की ओर से अंबावाड़ी स्थित आदर्श विद्या मंदिर में सर्वजातीय 13वां श्री राम जानकी सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया गया। एक ही मंडप के नीचे जब 15 समाजों के 45 जोड़े जब वैदिक विधि-विधान से परिणय सूत्र में बंधे तो उपस्थित हर कोई अनूठे आयोजन में भाव विभोर हो गया। कमजोर आर्थिक हालात का सामने कर रहे माता- पिता ने घर जैसे माहौल में अपनी बेटी का विवाह होते देखा तो आंखे नम हो गई।

जाति बंधन से ऊपर उठकर सात अंतरजातीय जोड़ों ने एक-दूसरे को जीवन साथी चुन कर समाज को संदेश दिया कि विवाह के लिए जाति का भेद अब पुराने जमाने की बात हो गया। सामूहिक विवाह सम्मेलन में कदम कदम पर सामाजिक समरसता, सादगी और समर्पण की मिसाल देखने को मिली। दुष्ट दहेज खर्चीली शादी दोनों ही करती बर्बादी के नारे के बीच सामूहिक विवाह सम्मेलन में सभी रस्में सादगीपूर्वक निभाई गई। हर कार्यकर्ता भाग-भाग कर विवाह संपन्न करवाने में जुटा था। विवाह के बाद दुल्हनों की विदाई के दौरान वातावरण मार्मिक हो गया। वधु पक्ष के मेहमानों की आंखें नम हो गई।

दूल्हों ने एक साथ मारा तोरण:

विद्याधरनगर के अग्रवाल कैटर्स से एक साथ 45 घोडिय़ों पर दूल्हों की निकासी प्रारंभ हुई। बैंडबाजों की स्वर लहरियों पर थिरकते बारातियों का विवाह स्थल पहुंचने पर महिला कार्यकर्ताओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इसके बाद एक साथ सभी दूल्हों ने तोरण मारा। तोरण की रस्म के बाद सभी दूल्हे-दुल्हन मुख्य मंच पर पहुंचे। यहां संतों-महंतों और समाज के प्रमुख लोगों के बीच वर-वधु ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। इस दौरान आयोजन स्थल तालियों की गडग़ड़ाहट और हर्ष मिश्रित ध्वनि से गूंज उठा। फेरों में लिया समरसता का संकल्प: सामूहिक विवाह सम्मेलन के लिए 45 जोड़ो के लिए 45 वेदियां बनाई गई।

हर वेदी में दो-दो पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ वर वरण, हरिद्रालेपन, द्वार पूजा, वर सत्कार, विवाह घोषणा, मंगलाष्टक, परस्पर उपहार, हस्तपीतकरण, कन्यादान, गोदान, मर्यादाकरण की संक्षिप्त रस्में करते हुए दूल्हा-दुल्हन का पाणिग्रहण संस्कार सम्पन्न करवाया। गं्रथिबंधन कर वर-वधु ने प्रतिज्ञाएं लीं। इसके बाद यज्ञीय प्रक्रिया पूरी कर फेरे करवाए गए। शिलारोहण, लाजा होम, परिक्रमा, सप्तपदी, आसन परिवर्तन, पाद प्रक्षालन, सूर्य ध्यान, शपथ आश्वासन, सिंदूरदान, मंगल तिलक की सभी रस्में की गई।

उपस्थित लोगों ने पुष्प वर्षा कर वर-वधु को आशीर्वाद प्रदान किया। इस मौके पर वर-वधु को सामाजिक समरसता के लिए काम करने की शपथ दिलाई गई। खोजी द्वाराचार्य रामरिछपाल दासजी महाराज, ब्रह्मपीठाधीश्वर काठियापरिवाराचार्य स्वामी रामरतनदेवाचार्य महाराज, राघवाचार्य महाराज, हरिशंकरदास वेदांती, सियाराम दासजी महाराज, बजरंग देवाचार्य महाराज मुरली मनोहर अंकिचन महाराज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम, उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी, हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य, भाजपा लोकसभा प्रत्याशी मंजू शर्मा ने नव दम्पत्तियों को सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्रदान किया।
प्रचार मंत्री रितु चतुर्वेदी ने बताया कि समाज के कई गणमान्य व्यक्तियों, संघ प्रचारकों ने वर-वधु को आशीर्वाद प्रदान किया। नागरमल अग्रवाल, गिरधारी लाल शर्मा, नवल बगडिय़ा, हरिकृष्ण गोयल, कैलाश चंद शर्मा, ओमप्रकाश भारती, हनुमान सिंह भाटी के मार्गदर्शन में सेवा भारती के समर्पित कार्यकर्ताओं ने आयोजन को सफल बनाया।

वर-वधुओं को दिए अनेक उपहार:

सेवा भारती समिति राजस्थान की ओर से प्रत्येक वर-वधु को करीब सौ उपहार दिए गए। इसमें पलंग, गद्दा, अलमारी, सिलाई मशीन,कूलर, प्रेस, बर्तन सैट, मिक्सी, बेडशीट, कंगन, पायल, मंगलसूत्र, नाक की लोंग, बिछिया, सुहाग का सामान, वधु के लिए साडिय़ां, वर के लिए पेंट-शर्ट प्रमुख हैं।

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