जयपुर। खो नागोरियान थाना पुलिस ने करोड़ो एक करोड़ 42 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। उपायुक्त जयपुर पूर्व ज्ञान चंद यादन ने बताया कि एक करोड़ की ठगी के आरोप में अनिल कुमार मीणा (30) पुत्र विजेंद्र सिंह ऑगिया ,भवनपुरा ,सरमथुरा ,धौलपुर हाल शिवालिक अपार्टमेंट गांधी नगर ,खातीपुरा खो नागोरियान जयपुर के खिलाफ साइबर पुलिस धाटकोपर मुम्बई में एक करोड़ 42 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला दर्ज था। जिसमें आरोपित काफी समय से फरार चल रहा था।
धाटकोपर साइबर थाने की शिकायत पर पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व सुमन चौधरी के सुपरविजन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। जिसमें फरार चल रहे आरोपित अनिल मीणा के बारे में तकनीकी सहायता से जानकारी जुटा कर दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया। मालवीय नगर थाना अधिकारी सुरेश यादव ने बताया कि आरोपित शातिर प्रकृति का है जो बार-बार अपने ठिकाने बदलता रहता है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार का घाटकोपर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने आरोपित के पास से 4 मोबाइल फोन , बड़ी सख्या में सिम कार्ड अलग-अलग कम्पनी के ,एक लैपटॉप ,दो चैक बुक बरामद की है।
गिरफ्तार आरोपित अनिल मीणा अपने सहयोगियों के साथ सोशल साईट ,गुगल ,टेलीग्राम ,इंस्टाग्राम की रेटिंग रिव्यू करने और पार्टम टाइम जॉब करने का झांसा देकर अच्छी प्रोफाईल के लोगों को अपने जाल में फसाता था। आरोपी लोगों को जाल में फसाने के लिए एक लिंक उनके मोबाइल पर भेजता उसके पश्चात लिंक क्लिक करने पर उनके मोबाइल में यूटयुब पर एक विड़ियों प्ले होता । जिसमें शेयर मार्केट में रकम निवेश करने व अच्छा मुनाफा कमाने के संबध में जानकारी देते ।
शातिर बदमाश भोले भाले लोगों को अपनी कम्पनी के मार्फत निवेश करने के लिए जाल में फसाता था। पीड़ितों को अच्छा प्रलोभन का झांसा देकर अपने खाते में रुपए ट्रांसफर करवा लेते और मोबाइल फोन बंद कर लेता । शातिर साइबर ठग ने क्राईन स्विच एक्सचेंस मेनजमेंट कम्पनी प्राईवेट लिमिटेड के नाम से कम्पनी बना रखी थी तथा गपशप कैफे नाम से लोगों को ऑनलाइन जोड़कर दो सौ रुपए बोनस का झांसा देकर गुगल पे और युपीआई व ऑन लाइन रुपए ट्रांसफर करवा कर ठगी की वारदात को अंजाम देता था।




















