श्रीकृष्ण-जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन का हुआ शंखनाद

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Conch sound of Sri Krishna Janmabhoomi liberation movement
Conch sound of Sri Krishna Janmabhoomi liberation movement

जयपुर। संयुक्त भारतीय धर्म संसद एवं सहयोगी संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को जयपुर के गोविंद देव जी मंदिर से श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन का शंखनाद किया गया है। सर्वप्रथम संयुक्त भारतीय धर्म संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य राजेश्वर, श्रीकृष्ण-जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन अभियान के अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा, संयोजक महंत दीपक वल्लभ गोस्वामी, अलबेली माधुरी शरण, महाराज, भक्त कवि डा.के सी परवाल आदि ने भगवान गोविंद देव जी का पूजन अर्चन कर प्रार्थना की तथा गोविंद देव जी मंदिर के महंत अंजन कुमार गोस्वामी व युवाचार्य मानस गोस्वामी ने श्री कृष्णम् महाकाव्य एवं आंदोलन के पोस्टर को गोविंद देव जी के चरणों में अर्पित किया।

साथ ही पधारे हुए सभी संतों-महंतों का दुपट्टा फूल माला प्रसाद देकर सम्मानित किया। इसके बाद उपस्थित सभी पदाधिकारी व सनातन धर्मियों ने संकल्प लिया कि जब तक श्रीकृष्ण-जन्मभूमि मुक्त नहीं हो जाती है एवं वहां पर भगवान श्री कृष्ण के भव्य मंदिर का निर्माण नहीं हो जाता है तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इसके साथ ही आज से जयपुर महानगर के सभी मंदिर-देवालयों में जनसंपर्क अभियान का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर घाट के बालाजी मंदिर के महंत सुदर्शनाचार्य, नहर के गणेश मंदिर महंत जयकुमार, मानव गीता गायत्री मंदिर के युवराज पंडित राजकुमार चतुर्वेदी, परकोटा गणेश जी मंदिर के युवाचार्य अमित मणि, मेहंदीपुर बालाजी से सुदीप तिवारी, सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर के महंत कैलाश गौड़, ज्योतिर्विद पंडित मुकेश भारद्वाज, संयुक्त भारतीय धर्म संसद के राष्ट्रीय संयोजक अरुण मालू राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण बड़े भैया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ज्ञान सिंह राठौड़, पूर्वी राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष राव प्रहलाद सिंह देवपुरा, प्रदेश महामंत्री एडवोकेट गोपाल शर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री सुरेश शर्मा, युवा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु शर्मा आर्किटेक्ट, जयपुर जिला अध्यक्ष पंकज शर्मा, संयोजक प्रमोद शर्मा, जिला युवा अध्यक्ष राहुल प्रताप सिंह राठौड़, पुजारी संघ जयपुर जिला अध्यक्ष कमलेश शर्मा ,महिला मंडल की लता शर्मा, नीलम मिश्रा, वंदना शर्मा ,अंशु शर्मा आदि अनेक लोग उपस्थित रहे।इस आंदोलन के तहत द्वारिका से मथुरा तक 4100 किलोमीटर की रथ यात्रा आचार्य राजेश्वर के नेतृत्व में निकाली जाएगी। यात्रा 1 सितंबर को द्वारिका से रवाना होकर 21 सितंबर को मथुरा पहुंचेगी

रथ यात्रा गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली व उत्तर प्रदेश इन सात राज्यों में भ्रमण करते हुए तथा नागेश्वर, सोमनाथ, ओंकारेश्वर, त्र्यंबकेश्वर महाकालेश्वर इन पांच ज्योतिर्लिंगों की पूजा कर मथुरा पहुंचेगी। इस यात्रा में एक करोड़ से अधिक लोग प्रत्यक्ष रूप में जुड़ेंगे, यात्रा का 250 से अधिक स्थानों पर स्वागत व ठहराव होगा । यात्रा से पहले इस आंदोलन के तहत आचार्य राजेश्वर व संगठन के केंद्रीय पदाधिकारी द्वारा देश के 100 शहरों में संपर्क सभाएं होंगी तथा संगठन के संरक्षक भक्त कवि डॉक्टर कैलाश परवाल सरल द्वारा रचित श्री कृष्णम् पर आधारित श्री कृष्ण की जीवनी पर विशेष उद्बोधन भी होगा। इसके साथ ही संगठन के 50 प्रदेश अध्यक्षों व जिला अध्यक्षों के नेतृत्व में लगभग 7000 जनसंपर्क सभाएं होंगी। इस यात्रा का प्रभाव संपूर्ण भारतवर्ष में पड़े इसके लिए भारत के ख्यात नाम संतो के सानिध्य संरक्षण में यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा के प्रथम चरण में 31 मार्च को जयपुर के चांदपोल हनुमान मंदिर से सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर तक संत महंत पैदल मार्च करेंगे। यात्रा को सफल बनाने के लिए संगठन के पदाधिकारी मिलकर गोवर्धन नाथ की परिक्रमा तथा बृज 84 कोस की परिक्रमा भी करेंगे।

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