नेटथियेट पर कथक कला : गतभाव,लय में कथक की बारीकियां छलकी

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जयपुर। नेटथियेट कार्यक्रमों की श्रृंखला में राजस्थान के सुप्रसिद्ध कथक के सशक्त हस्ताक्षर कथक डांसर जय कुमार जवड़ा ने अपने भावपूर्ण कथक नृत्य से जयपुर कथक की बारीकियों को बड़ी खूबसूरती से पेश किया। नेटथियेट के राजेन्द्र शर्मा राजू बताया कि कथक कलाकार जय कुमार ने अपने कार्यक्रम की शुरूआत गणेश वंदना गणपति विघ्न हरो, गजानंद विराजत चंद्रमा भाल से की l इसके बाद शुद्ध जयपुर कथक में उपज, आमद, चक्करदार तोडे‌‌,तिहाईया,परण, ट्रुतलय, चक्करदार परणे,कवित और गतभाव, तत्कार, की प्रस्तुति से जयपुर कथक को साकार किया।

अंत में श्री नारायण प्रसाद जी की रचना पर आधारित ठुमरी ऐसो हठीलो छैल मग रोकता है गिरधारी बनवारी की सुंदर प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया । कथक कलाकार जयकुमार के नृत्य में लयकारी, ताल एवं गतभाव की स्पष्ट झलक देखने को मिली। इनके साथ तबले पर सुप्रसिद्ध तबला वादक परमेश्वर लाल कथक ने अपनी उंगलियों का ऐसा जादू बिखेरा की कथक नृत्य की बारीकियां खिल उठी।

पढत और गायन पर राजेंद्र कुमार जवडा, सारंगी पर मोइनुद्दीन खान और हारमोनियम पर भंवरलाल कथक की शानदार संगत ने कार्यक्रम को ऊंचाइयां दी ।कार्यक्रम का संचालन राहुल गौतम ने किया । कार्यक्रम संयोजक नवल डांगी, कैमरा मनोज स्वामी, संगीत सागर गढ़वाल एवं तपेश, मंच सज्जा जीवितेश एवं अंकित शर्मा नोनू की रही ।

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